यदी आम्रपाली ग्रुप मे आपने भी लगाया था पैसा तो यह खबर है आपके बेहद काम की, जहां पड़ रहे है पुलिस के छापे

नोएडा : दिल्ली एनसीआर में बिल्डरों की मानमानी करने को लेकर लोग अच्छे से रबरू है। बिल्डरों द्वारा किये गए वादों पर खरीदार पैसे खर्च करके भी अच्छी सुविधा से वंचित है। पूरा पैसे जमा करने के बावजूद भी उन्हें समय पर पजेशन नहीं दिया जता है। उनकी मनमानी से आम लोग, मजदूर सभी परेशान है। ये घटना ग्रेटर नोएडा स्थित एक बिल्डर की है।

जहां, आम्रपाली बिल्डर के सीईओ ऋतिक कुमार सिन्हा और डायरेक्टर निशांत मुकुल को लेबर सेस जमा नहीं करने पर सोमवार को एसडीएम के नेतृत्व में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बिल्डरों के खिलाफ श्रम विभाग के लेबर लाइसेंस के रूप में 4.39 करोड़ रुपये जमा नहीं करने पर कार्रवाई की गई है। इस मामलें में एसडीएम दादरी अमित कुमार सिंह ने बताया कि आम्रपाली पर श्रम विभाग की ओर से 1.78 करोड़ रुपये लेबर सेस 2015 का बकाया था। मगर उसे बिल्डर की ओर जमा नहीं किया गया।

इस पर उप श्रमायुक्त बीके रॉय की ओर से एक करोड़ 78 लाख पर एक करोड़ 78 लाख की ही पेनाल्टी लगाई और 83 लाख रुपये ब्याज लगाकर 4 करोड़ 39 लाख रुपये की मार्च 2017 में आरसी जारी की थी। बता दें कि पिछले माह जिला प्रशासन की ओर से तहसीलदार के नेतृत्व में ड्रम बजाकर वहां पर नीलामी की चेतावनी भी दी थी। मगर बिल्डर की ओर से लेबर सेस को जमा नहीं किया गया। इसी के चलते सोमवार शाम नोएडा सेक्टर-62 स्थित आम्रपाली जोडियक के आफिस को सील करने के लिए एसडीएम दादरी अमित कुमार सिंह, तहसीलदार पीएल मौर्या के नेतृत्व में 3 थानों की टीम गई थी।

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