1 अप्रैल से देशभर में नहीं बिकेंगी बीएस-3 गाड़ियां, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

नई दिल्ली : देशभर में प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है। फैसले में एक अप्रैल से बीएस-3 मानक की गाड़ियों की बिक्री पर कोर्ट ने रोक लगा दी है। दरअसल, सरकार का नए वाहनों पर जोर है, जिसके लिए 1 जनवरी 2014 को नोटि‍फि‍केशन जारी हुआ था, जिसमें कंपनियों को बीएस-4 लागू करने के निर्देश दिए हैं।

नया नियम 1 अप्रैल, 2017 से लागू होना है। कार कंपनि‍यों का कहना है कि ये नोटिफिकेशन स्पष्ट नहीं है। मामले में न्यायमित्र की भूमिका निभा रहे वकील हरीश साल्वे ने अदालत में कहा था कि 1 अप्रैल से नए इमिशन मानक बीएस-4 लागू होने वाले हैं लेकिन कंपनियों ने पुराने मानक के अनुसार कारों का उत्पादन जारी रखा।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए बीएस-3 इंजन के वाहनों के आरटीओ में रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने की बात कही थी। इसके बाद से ऑटो कंपनियों के पास कुल 8.24 लाख बीएस वाहन स्टॉक में पड़े हैं। इसमें साढ़े छह लाख से ज़्यादा दोपहिया वाहन, करीब 40 हजार तिपहिया, 96 हजार के करीब व्यावसायिक वाहन और करीब 16 कारें हैं।

वहीं, इसके पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वाहन कंपनियों को 2014 में ही बीएस-चार अधिसूचना के बारे में पता था और जब लोगों को 2010 से ही इसके बारे में जानकारी हो गई थी, तो उन्हें बीएस-तीन वाहनों का उत्पादन घटाना चाहिए था। गौरतलब है कि देश में बीएस-3 के वाहन काफी ज्यादा हैं. अनुमान है कि पैसेंजर व्‍हीकल्‍स में 20000, टू-व्‍हीलर्स में 7.5 लाख, थ्री व्‍हीलर्स में 4,500 और कमर्शि‍यल व्‍हीकल्‍स में करीब 75 हजार बीएस-3 के वाहन हैं।
 

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