2003 में बैंकों को चूना लगाकर फरार हुआ था गद्दार मोहम्मद याहया खान… मोदी सरकार की कोशिशों से बहरीन में दबोचा गया

बैंक डिफाल्टर के कारण लगातार विपक्ष के निशाने पर रही मोदी सरकार ने बैंकों का पैसा लूटकर विदेश भागने वालों की खिलाफ कार्यवाई शुरू कर दी है. देश का पैसा लूट कर विदेश भागने वालों के खिलाफ मोदी सरकार की सख्ती का असर दिखना शुरू हो गया है. सीबीआई ने 9 वर्ष पहले बैंकों को लाखों का चूना लगाने वाले एक आर्थिक घोटालेबाज को बहरीन में धर दबोचा है. सीबीआई ने मोहम्मद याहया नाम के इस शख्स के खिलाफ भगोड़ा आर्थिक अपराध कानून के तहत कार्रवाई की है.

आपको बता दें कि मोदी सरकार ने बैंकों का धन लूट कर विदेश भागने वाले कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई के लिए इसी वर्ष अगस्त में भगोड़ा आर्थिक अपराध कानून बनाया है. इस कानून के तहत देश ही नहीं विदेश में भी ऐसा घोटालेबाजों की संपत्ति जब्त करने का प्रावधान है. मोदी सरकार के भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून आने के बाद सीबीआई को पहली कामयाबी मिली है. सीबीआई घोटालेबाज मोहम्मद याहया को पकड़कर भारत ले आई है. बता दें कि 47 वर्षीय मोहम्मद याहया 2003 में बैंगलुरू के कुछ बैंकों के साथ करीब 46 लाख रुपए का घोटाला करने बाद खाड़ी देश भाग गया था. याहया को बहरीन से पकड़ा गया.

बता दें कि याहया पर पिछले काफी समय से भारतीय एजेंसियों की नजर थी. बहरीन में उसकी गिरफ्तारी के बाद सभी आवश्यक कार्रवाई को पूरा कर भारत लाया गया. याहया के खिलाफ सीबीआई ने 2009 में जांच शुरू की थी, तबतक वह देश छोड़कर भाग चुका था. उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी हुआ था. मोहम्मद याहया पर आपराधिक षड्यंत्र रचने, धोखाधड़ी जैसे कई आरोप लगाए गए हैं. जाहिर है कि घोटालेबाजों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए अगस्त में बने सख्त कानून के बाद यह पहला मामला है, जब सरकार किसी भगोड़े, घोटालेबाज को वतन वापस लाने में कामयाब रही हो.


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