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जेपी इंफ्राटेक के बायर्स का तनाव कम, SC ने रोकी दिवालिया प्रक्रिया

कंपनी तो लोग खोल लेते पर उनकों चलना उतना आसान नही होता हैं अगर देखा जाये तो हर साल कोई न कोई कंपनी दिवालिया घोषित हो ही जाती हैं। कर्जं के कारण अगर चर्चिंत कंपनियॉ होती है, तो उनको दिवालिया के रूप में जान लेते हैं सभी लोग ये कंपनी दिवालिया साबित हो चुकी हैं। अभी हाल में ही नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ने जेपी बिल्डर को दिवालिया घोषित कर दिया हैं।

सूत्रों से पता चला हैं कि जेपी कंपनी के ऊपर लगभग 8 हजार 365 करोड़ रूपये का कर्ज चढ़ चुका हैं। जिसको चुका पाने में जेपी कंपनी पूरी तरीके से असमर्थं हैं। जेपी कंपनी के बारे में बातते चलें कि जेपी कंपनी भारत की जाने माने कंपनी में शुमार हैं और यह भारत का सबसे बड़े औद्योगिक समूहों में गिनी जाती हैं। इसकी स्थापना श्री जयप्रकाश गौड़ ने की थी। यह कंपनी इजींनियर, निर्मांण, सीमेंट, विद्युत ऊर्जां, स्वास्थ्य सेवा, वास्तविक पूंजी, सड़क, शिक्षा सहित अनेकानेक क्षेत्रों में रह चुकी हैं।
पर कुछ समय से जेपी कंपनी के हालात बद से बदत्तर दिन बा दिन होते चलें गयें। कंपनी ने जो कर्जं लिया था उसको 270 दिनों का वक्त मिला है नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की ओर अगर जेपी कंपनी इन 270 दिनों के अंदर 8 हजार 365 करोड़ का कर्जं चुका देती हैं तो ठीक हैं नही तो कंपनी की तमाम प्रॉपटी नीलाम हो जायेगी। जेपी कंपनी के दिवालिया होने के बाद उन लोगों को अधिक झटका लगने वाला हैं जिन्होंने जेपी कंपनी के फ्लैट्स खरीदें हैं।
दिल्ली एनसीआर में क्योंकि अगर कंपनी दिवालिया घोषित हो जायेगी पूरी तरीके से तो 32 हजार लोगों का पैसा डूब जायेगा जिन्होंने फ्लैट्स में निवेश किया हुआ है। आपको बताते चले कि जेपी के खिलाफ भारतीय रिर्जंव बैंक ने बैकों के एनपीए को काम करने की दिशा में कार्यवाही करते हुए जेपी मे 12 डिफॉल्टर्स की पहचान की थी। आरबीआई ने सभी के खिलाफ नोटिस भेजा और सबके प्रति कठोर निर्णंय लेने के लिए कहा गया था साथ इन खाताधाराकों के खिलाफ आईबीसी के तहत कार्यंवाही भी शुरू कर दी गई हैं।
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