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भारत के आर्थिक हालात पर सवाल उठाने वालों को नारायण मूर्ति का ये उत्तर कर देगा निरुत्तर.. बताया भारत का वर्तमान

मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों को कटघरे में खड़ा करने वाले, उनकी नीतियों पर सवाल उठाने वालों को इंफोसिस के सह संस्थापक नारायण मूर्ति का बयान निरुत्तर कर देगा. इंफोसिस के सह संस्थापक नारायण मूर्ति ने कहा है कि 300 वर्ष में पहली बार ऐसा आर्थिक माहौल बना है, जो विश्वास पैदा करता है कि गरीबी उन्मूलन किया जा सकता है. मूर्ति ने गुरुवार को कहा, ”300 साल में पहली बार ऐसा माहौल बना है, जो विश्वास पैदा करता है कि हम अपनी गरीबी से उबर सकते हैं और हर भारतीय के लिए बेहतर भविष्य दे सकते हैं.

इंफोसिस के सह संस्थापक नारायण मूर्ति ने कहा कि हम अगर कड़ा प्रयास करें तो हम गरीब से गरीब बच्चे की आंख से आंसू पोंछ सकते हैं, जैसा महात्मा गांधी चाहते थे.” नारायण मूर्ति गोरखपुर मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकीय विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे. उन्होंने कहा ”हमें निजी हितों से आगे देश हित को रखना होगा. हमें लगातार उन देशों से तुलना करनी होगी जो हमसे बेहतर हैं. हमें ऐसे देशों से सीखना होगा.”

गोरखपुर में एक कार्यक्रम के दौरान नारायणमूर्ति ने कहा, “लगभग 300 सालों में पहली बार हमारे पास एक आर्थिक वातावरण है जो विश्वास दिलाता है कि हम सच में अपनी गरीबी को दूर कर सकते हैं और लोगों के लिए एक बेहतर भविष्य बना सकते हैं.”  नारायणमूर्ति ने आगे कहा, ” हमारी अर्थव्यवस्था इस साल 6 से 7 फीसदी की दर से बढ़ रही है. भारत दुनिया का सॉफ्टवेयर विकास केंद्र बन गया है. वहीं विदेशी मुद्रा भंडार ने 400 बिलियन डॉलर को पार कर लिया है. इन हालातों में निवेशक का विश्वास ऐतिहासिक ऊंचाई पर है.”

नारायणमूर्ति ने आगे कहा, ” इसी के समनांतर हमारे देश में एक और भारत बसता है. उस भारत में भयानक गरीबी भुखमरी, कुपोषण और भ्रष्टाचार है. करोड़ों भारतीय न लिख सकते हैं और न पढ़ सकते हैं. लोगों को साफ पानी और जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं. इन सभी का अनिश्चित भविष्य है. ऐसे हालात में हमें इन लोगों को साथ लेकर चलना होगा. अगर हम आज कड़ी मेहनत करते हैं, तो हम आखिरी लाइन में खड़े गरीब बच्चे की आंखों से आंसू पोंछ सकते हैं.’

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