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अब आपके पीएफ में बचत हो सकती है कम, पीएफ में हिस्सेदारी घटाना चाहती है सरकार


नई दिल्ली : मोदी सरकार कर्मचारियों को नई सौगात देने की तैयारी में है। इस बार मोदी सरकार ई.पी.एफ.ओ 4% तक घटा सकती है। सूत्रों के मुताबिक अभी नियोक्ताओं की ओर से उनके कर्मचारियों को मिलने वाली तनख़्वाह का करीब 12 फीसदी हिस्सा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) को दिया जाता है।

सरकार इसे घटाकर 10 फीसदी कर रही है। यह प्रस्ताव शनिवार को हो रही सीबीटी (सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़) की बैठक में पेश हो सकता है। फिलहाल, कंपनी और कर्मचारी पीएफ, पेंशन और इन्श्योरेंस स्कीम में एक समान रुप से सैलरी की 12 फीसदी रकम जमा करते है। ईपीएफओ में जो अंशदान होता है उसकी गणना बेसिक सैलरी और डीए से होती है।

अब शनिवार को पुणे में होने वाली बैठक में इस प्रस्ताव पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज अपनी मुहर लगाएंगे। अगर ऐसा होता है तो फिर अगले बार से कर्मचारी ज्यादा सैलरी अपने साथ ले जा सकेंगे। सरकार का तर्क है कि इससे कर्मचारी ज्यादा खर्च कर सकेंगे, जिससे देश की इकोनॉमी को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।  


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