आरटीआई के जरिए सामने आया रेलवे का घोटाला, जानें क्या है पूरा मामला…

नई दिल्ली : भारतीय रेल का एक ऐसा घोटाला सामने आया है जिसे जानकर आप दंग रहे जाएंगे। भारतीय रेल ने कमाल की खरीदारी की है। भारतीय रेल ने 972 रूपये प्रति 100 ग्राम दही और 1241 रूपये प्रति लीटर तेल भी खारीदा। जानकारी के मुताबिक, एक आरटीआई कार्यकर्ता ने आरटीआई दाखिल कर यह जानकारी हासिल की है।

सेंट्रल रेलवे कैटरिंग डिपार्टमेंट ने कैटरिंग की चिजों को उनके वास्तविक मूल्य के रूप से काई ज्यादा मूल्य पर खरीदा। वहीं, रेलवे के आधिकारी ने इस घोटले को टाइपिंग एरर बताया। आरटीआई ने कहा कि उनहोंने रेलवे से जूलाई 2016 में पहली आरटीआई मांगी थी लेकिन रेलवे ने उन्हें कुछ जानकारी नहीं दी। इस बात से उन्होंने यह अनुमान लगाया की दाल में कुछ काला है।

इसके बाद उन्होंने पहली अपील की उस आपिल के बाद अपीलेट अथाँरिटी ने रेलवे को वांछित जानकारी देने के लिए 15 दिनों का समय दिया था पर उसके बाद भी काफी समय तक रेलवे ने इसकी सूचना आरटीआई के अधिकारी को नहीं दी। इसके बाद भी आरटीआई अधिकारी ने दोबारा जानकारी देने के लिए अपील की, तब जाकर उनकों पूरी जानकारी प्राप्त हुई।

जानकारी के मुताबिक, सेंट्रल रेलवे ने अमूल दही 972 रूपये प्रति ग्राम की दर से खरीदी, जबकी उसकी एमआरपी 25 रूपये की थी। इसके साथ ही रेलवे ने रिफाइंड 1241 रूपये प्रति लीटर खरीदा, जबकी इसकी एमआरपी 72 रूपये की थी। इसके अलावा और भी बहुत कुछ चीजे है जो काई गुना रेट पर रेलवे ने खरीदी है।

गौरतलब है कि रेलवे के कैटरिंग विभाग द्वारा खरीदी गयी चीजों को आईआरसीटीसी के जन आहार कैंटीन रेलवे बेस किचन और डेक्कन क्वीनए कुर्ला हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस इत्यादि ट्रेनों में वितरित किया जाता है। सेंट्रल रेलवे के डिविजनल रेलवे मैनेजर रवींद्र गोयल ने कहा कि यह टाइपिंग एरर हो सकता है, लेकिन इस मामले की जांच की जाएगी।   

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