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रोडवेज कर्मचारियों ने किया चक्का जाम, कहा- मांगों को नहीं माना तो होगा बड़ा जन आंदोलन


कैथल
में रोडवेज कर्मचारियों ने प्राईवेट बसों को बंद करवाने की मांग को लेकर दोपहर
पौने तीन बजे बसों का चक्का जाम कर दिया। जिस कारण यात्रियों को भारी परेशानियों
का सामना करना पड़ा। रोडवेज कर्मचारियों ने एक घंटे तक चक्का जाम रखा। इससे पूर्व
रोडवेज कर्मियों की बस स्टैंड पर
8
यूनियनों के सदस्यों की बैठक हुई। इसमें हरियाणा कर्मचारी महासंघ

सर्व
कर्मचारी संघ हरियाणा
, ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन, इंटक, संयुक्त कर्मचारी मंच, बीएमएस
यूनियन
, कलेरिकल एसोसिएशन के सदस्यों ने भाग
लिया।

जिसमें
कर्मियों ने प्रशासन को प्राईवेट बसों को बंद करने के लिए दो घंटे का समय दिया था
, जिसके पश्चात कर्मियों ने चक्का जाम
करने का फैसला लिया
, जैसे ही बस स्टैंड पर रोडवेज कर्मचारियों
की नारेबाजी शुरू हुई और यात्रियों को पता चला कि अब हड़ताल होने वाली है तो
यात्रियों ने भी वैसे ही बस स्टैंड से बाहर निकलना शुरू कर दिया। तुरंत सभी
प्राईवेट बस चालकों ने भी रोडवेज कर्मियों के सख्त रूख को भांपते हुए अपनी बसों को
बस स्टैंड से बाहर निकाल दिया। उसके पश्चात यात्रियों को अपने गंतव्य पर पहुंचने
के लिए खासे पापड़ बेलने पड़े।

सरकार
ने पहले भी रोडवेज कर्मियों को प्राईवेट बसों को बंद करने का आश्वासन दिया था
, लेकिन आज तक प्राईवेट बसों को बंद नहीं
किया गया है। वही प्राईवेट बसों के कारण ही रोडवेज का नुकसान होता है। प्राईवेट बस
चालक फ्री बस पास वाले विद्यार्थियों से भी किराया वसूल करते हैं। 

जानकारी
के लिए बता दें कि रोडवेज की बसों में बुजुर्गों का आधा टिकट लगता है। रोडवेज बसों
में लोगों का कम किराया तो लगता है साथ ही सरकार के द्वारा यात्रियों को सुविधाएं
भी मिलती है। वही वहां कुछ लोगो का कहना है की यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों
को गंभीरता से नहीं लिया तो रोडवेज कर्मी बड़े आंदोलन का भी ऐलान कर सकते हैं। इस नारेबाजी
में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए घंटो हंगामा किया। वहीं
, यातायात प्रबंधक कमलजीत सिंह ने आश्वासन दिया कि प्राईवेट बसों को
रोडवेज में घुसने नहीं दिया जाएगा।


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