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18 लाख राज्य कर्मचारी प्रभावित हो रहे है GST से. जानें क्यों….

GST लागू होने के कारण उत्तर प्रदेश के 18 लाख राज्य कर्मचारियों को धक्का लगा है। जिसमें सरकार ने सेना कैंटीन पर तो छूट दे दी है, लकिन राज्य कर्मचारी कल्याण निगम को GST के सीमित में ही रखा गया है। इससे जो राज्य कर्मचारी कल्याण निगम से लाभ उठा रहे है उनके सामने यह सबसे बड़ी समस्या है। कल्याण निगम के राज्य कर्मचारी ने इस संबंध में पत्र लिखकर मुख्यमंत्री से जीएसटी पर छूट का अनुरोध किया है। 
कल्याण निगम के मुताबिक, डिपो और बाजारों में हजारों ओर करोड़ों का सामान भरा पड़ा है, लेकिन महंगा होने के कारण उसको कोई नहीं खरीद रहा है। ऐसे सामान न बिकने से कल्याण निगम के 850 कर्मचारियों और अधिकारियों के तनखाह के लाले भी पड़ जाएंगे। इस बात को लेकर राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सतीश कुमार पाण्डेय का कहना है कि कल्याण निगम के डिपो और फैमिली बाजारों में पचास करोड़ से ऊपर का स्टॉक अभी भी बाकी है।   
अगर हम लोग GST लगाकर बेचे तो कई उत्पाद ऐसे हैं, जिनका मूल्य MRP से ऊपर चले जाएंगे। इस तरह कोई भी वस्तु की बिक्री अवैध होगी। उन्होंने यह भी कहा कि GST से छुटकारा न मिलने पर कल्याण निगम में कार्यरत 166 डिपो और 19 फैमली बाजारों में कार्य करने वाले लगभग 850 कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के सामने रोजी रोटी की समस्या पैदा हो जाएगी। 
जवाहर-इन्दिरा भवन के कर्मचारी महासंघ के महामंत्री सुशील कुमार के मुताबिक, प्रदेश के राज्य कर्मचारियों को हर रोज की उपयोग में वैट कर रहित उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार द्वारा सन् 1965 में कल्याण निगम की स्थापना की गई थी। जिसमें उसने प्रदेश में कल्याण निगम के सभी जिलों में ख्यालयों पर लगभग 166 डिपो और बड़े शहरों में 19 फैमिली बाजार चल रहे हैं। 
जिसमें प्रदेश के लगभग सभी राज्यों के कर्मचारी, सेवानिवृत्त, मृतक आश्रित परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। जिसमें सरकार द्वारा कल्याण निगम को कोई भी सहायता नहीं दी जा रही । कल्याण निगम को GST से छूट नहीं दी गई तो राज्य कर्मचारी, सेवानिवृत्त एवं मृतक आश्रित परिवार को मिलने वाली सभी सुविधाऐ समाप्त हो जाएगी और कुछ समय बाद कल्याण निगम की पहचान भी खत्म हो जाएगी। 
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