क्या सामने आ गया “सोनम गुप्ता बेवफा है” का राज ? कहीं नोटबंदी से तो जुड़ा नहीं ये ?

साल 2016 में सोशल मीडिआ पर हर जेहन में एक ही सवाल तैर रहा था कि आखिर ये सोनम गुप्ता नाम की लड़की कौन है? एक अनजानी सोनाम गुप्ता नाम की लड़की सोशल मीडिया पर मचाये हुए थी. हैट व्यक्ति सोनम गुप्ता के बारे में जानना चाह रहा था लेकिन आज तक पता नहीं चला कि सोनम गुप्ता कौन है. सभी जानते हैं सोनम गुप्ता का नाम उस समय सुर्ख़ियों में आया जब एक 10 रुपए के नोट पर “सोनम गुप्ता बेवफा है” लिखा हुआ वायरल हुआ.  दिलजले आशिक का बेवफाई का इल्जाम ‘सोनम गुप्ता बेवफा है’ न सिर्फ भारत बल्कि कई देशों की करंसी पर लिखा गया.

देखते ही देखते ये हर जगह फ़ैल गया लेकिन आज तक ये सोनम गुप्ता नाम की लड़की सामने नहीं आयी. अब सोशल मीडिआ पर ही सोनम गुप्ता के बारे में नया दावा किया जा रहा है. एक बार फिर सोनम गुप्ता के नाम से सोशल मीडिया में फैले वायरल मैसेज में ऐसे कई दावे किए जा रहे हैं कि जिस तरह परमाणु परीक्षण के गुप्त ऑपरेशन का एक कोड वर्ड था उसी तरह का एक कोड वर्ड नोटबंदी से पहले भी दिया गया था और वो कोड वर्ड था ‘सोनम गुप्ता बेवफा है’. इसके पीछे वजह यह है कि इसके पहले भी देश में कई बड़े और गुप्त कामों के लिए किसी प्रकार का कोड वर्ड रखा जाता है. इस मैसेज में पोखरण परमाणु परीक्षण के कोडवर्ड ‘बुद्धा स्माइलिंग’ का उदाहरण दिया गया है. वायरल मैसेज में दावा किया गया कि विश्वस्त सूत्रों के अनुसार नोट बंदी की योजना गुप्त रखने के लिए एक कोड का उपयोग किया जाता था, ताकि प्लान से जुड़े लोगों के अलावा दूसरे लोगों को इसका पता न चले.

वायरल हुए इस मैसेज में कोड वर्ड का मतलब भी समझाया गया है—

सोनम – संपत्ति (बड़े नोट)

गुप्ता – गुप्त (काला धन)

बेवफा है – रद्द होने वाला है 

सोशल मीडिया पर ऐसा अंदाजा इसलिए लगाया जा रहा है क्योंकि “सोनम गुप्ता बेवफा है” अगस्त 2016 में वायरल हुआ था तथा इसके बाद नवंबर 2016 में नोटबंदी की घोषणा हुई. तो सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है ये नोटबंदी का कोडवर्ड था. हालाँकि नोटबंदी से पहले “सोनम गुप्ता बेवफा है” का वायरल होना एक संयोग भर है इससे ज्यादा कुछ नहीं है.

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