पुराने नोट नहीं बदलने पर आरबीआई के बाहर बैठी महिलाएं, दी सुसाइड की धमकी

नई दिल्ली : आरबीआई के बाहर पुराने 500-1000 का नोट बदलने के लिए लोगों में अफराफरी दिख रही है। बता दें कि रिजर्व बैंक ने नवंबर-दिसंबर, 2016 के दौरान देश से बाहर गए नागरिकों को पुराने नोट बदलने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया है।

वहीं, एनआरआई 30 जून तक पुराने नोट बदल सकेंगे। यह सुविधा रिजर्व बैंक के मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और नागपुर के दफ्तरों पर ही उपलब्ध है। किसी वजह से अपने पास मौजूद पुराने नोटों को बदल पाने में विफल रहे लोग इन्हें बदलने का अंतिम प्रयास कर रहे हैं।

इसके साथ ही नोटबंदी के बाद चलन से बाहर हुए 500-1000 रुपये के पुराने नोट नहीं बदल पाईं दो महिलाएं आरबीआई के बाहर सूइसाइड नोट के साथ बैठी हुई हैं। दोनों बुजुर्ग महिलाएं धमकी दे रही हैं कि अगर उनका पुराना नोट नहीं बदला गया तो वह आत्महत्या कर लेंगी।

65 साल की उषा ने बताया कि कपड़ों में करीब 41,500 रुपये मिले। इसे बदलवाने के लिए वह लगातार 3 दिनों से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के चक्कर लगा रही हैं। उनका कहना है कि कोई उनकी मदद नहीं कर रहा है। उषा अपनी मां सुमित्रा (80 साल) के साथ रिजर्व बैंक के गेट के बाहर रोजाना लाइन में लगती हैं, लेकिन उनके नोट चेंज नहीं किए जा रहे हैं।

उनका आरोप है कि बैंक के एक अधिकारी ने उनसे कहा कि यहां सिर्फ एनआरआई के ही नोट चेंज किए जाएंगे। इससे परेशान होकर दोनों ने डीसीपी को लेटर लिखकर खुदकुशी करने की धमकी दी है। गौरतब है कि पीएम मोदी ने 8 नवंबर 2016 को 1000 और 500 के पुराने नोट बंद करने का ऐलान कर दिया था। पीएम ने कहा था कि पुराने नोट को 31 मार्च तक बदले जा सकते हैं। लेकिन बाद में इस अवधि को केवल एनआरआई के लिए लागू रहने दिया गया।

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