यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी ने रद्द किए जेपी ग्रुप सहित 17 बिल्डरों के हाउसिंग प्रोजेक्ट

नई दिल्ली : दिल्ली एनसीआर के यमुना एक्सप्रेसवे डेवलेपमेंट अथॉरिटी ने छ: बिल्डरों के 17 प्रोजेक्टों को रद्द कर दिया है। अथॉरिटी का कहना है कि ये  कार्रवाई ले-आउट अप्रूवल ना लेने की वजह से की गई है। इस परियोजनाओं में इमारतों के नक्शों को रद्द करने से सबसे ज़्यादा नुकसान उन हजारों निवेशकों को होगा जो एक आशियाने की तलाश में इस परियोजना में निवेश कर बैठे है। इस परियोजना को जेपी, गौड़ संस, अजनारा जैसे नामी-गिरामी रियल एस्टेट फर्मों से संबंधित है।
इन बिल्डर्स ने ले-आउट पास नहीं कराया था। अब यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी ने इन प्रॉजेक्ट्स को रद कर दिया है। यमुना प्राधिकरण अधिकारियों के जेपी समूह को ग्रेटर नोएडा से आगरा तक बनाए गए है। यमुना एक्सप्रेस वे के एवज में हुए समझौते के तहत ज़मीन मिली थी। लेकिन अन्य बिल्डर कंपनियों ने प्राधिकरण से भूखंड आबंटित कराए थे। जेपी समूह सेक्टर-19, 22बी, 22सी और 25 में रिहायशी और वाणिज्यिक परियोजनाएं बनाई गई थी। अलबत्ता इमारत नक्शे के प्रस्ताव पर प्राधिकरण अधिकारियों ने आपत्तियां लगाई गई थी।
गौरतलब है कि तय किए समय के अंदर आपत्तियों को दूर करने के लिए सौंपे जाने वाला था। जो जेपी समेत अन्य बिल्डर कंपनियों ने नहीं किया। बता दें कि एक साल के अंदर नए इमारत के नक्शा तैयार करने का मंजूर किया गया था लेकिन जेपी की तरह सेक्टर-19 में गौरसन, सेक्टर-25 में वीजीए डिवेलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर- 22ए में अजनारा इंडिया लिमिटेड, सेक्टर- 22डी में औरिस इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-25 में अर्बेनिया प्राइवेट लिमिटेड और सेक्टर-14 में गौरसन बिल्डर कंपनी की परियोजनाओं को इमारत नक्शे निरस्त कर दिए गए है। 
जिन परियोजनाओं के इमारत नक्शे निरस्त हुए हैं, उनमें अकेले जेपी समूह को ही किया गया है और उनमें लाख वर्ग मीटर के भूखंड पर इमारत बनानी थी। वहीं, सेक्टर-22डी में औरिस बिल्डर कंपनी ने प्राधिकरण से 8.19 लाख वर्गमीटर का भूखंड आबंटित कराया गया था। यमुन एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालिका अधिकारी अरुणवीर सिंह ने बताया कि बिल्डरों को आपत्तियां दूर करके इमारत नक्शा जमा मंजूरी लेनी चाहिए थी। जानकारी के मुताबिक, अब इन बिल्डरों को नए सिरे से बिल्डिंग प्लान को मंजूरी के लिए आवेदन करना होगा।
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