अमिताभ बच्चन का भले ही नहीं हो कोई धर्म लेकिन रूस से 6 महिलायें आईं थी भारत में, अपने पूर्वजों का हिंदू विधान से पिंडदान करने

सोनी टीवी का शो कौन बनेगा करोड़पति KBC का 13वां सीजन इस समय टेलीकास्ट किया जा रहा है. हाल ही में एक प्रतियोगी से शो के होस्ट अमिताभ बच्चन ने ऐसी बात कही, जिससे उन्हें जमकर ट्रोल किया गया. दरअसल अमिताभ बच्चन से शो में उनके सामने हॉट सीट पर बैठे प्रतियोगी से कहा था कि उनके जाति श्रीवास्तव है लेकिन वह धर्म को नहीं मानते हैं. हालाँकि अमिताभ ने बात संभालते हुए ये भी कहा था कि वह भारतीय हैं.

अमिताभ बच्चन ने भले ही धर्म को मानने से इंकार कर दिया हो लेकिन हिन्दू धर्म की व्यापकता क्या है, दुनिया किस तरह हिन्दू धर्म की परंपराओं को स्वीकार कर रही है, इसका बड़ा उदाहरण सामने आया है. एकतरफ अमिताभ बच्चन बड़े गर्व से बता रहे थे कि वह धर्म को नहीं मानते हैं तो वहीं दूसरी तरफ उससे पहले पितृपक्ष में रूस की 6 महिलायें भारत में अपने पूर्वजों का श्राद्ध करने के लिए आई थीं. रूस की ये 6 महिलायें पितृपक्ष में बिहार के गया पहुँची तथा यहां की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उन्होंने अपने पितरों का देवघाट पर पिंडदान किया.

रूस से पहुंची महिला तीर्थ यात्रियों ने अन्त: सलिला फल्गु में तर्पण भी किया. इन सभी रूसी तीर्थयात्रियों का पिंडदान और तर्पण धर्म प्रचारक लोकनाथ गौड़ ने करवाया. पिंडदान करने वाली महिलाएं रूस के अलग-अलग क्षेत्रों की हैं. उनका नाम एलेना कशिटसाइना, यूलिया वेरेमिनको, इरेस्को मगरिटा, औक्सना कलिमेनको, इलोनोरा खतिरोबा और इरिना खुचमिस्तोबा है. सभी महिला श्रद्धालु भारत की सभ्यता-संस्कृिति और साड़ी कल्चर से काफी प्रभावित दिखीं और यहां आने के अनुभव को यादगार बताया.

इन सभी ने अपने पूर्वजों का पिंडदान भारतीय महिला परिधान यानी साड़ी पहनकर किया. इस दौरान सभी ने अपने माथे पर आंचल भी डाल रखा था. इन महिलाओं ने कहा कि उन्हें दुनिया को जोड़ने वाली हिन्दू संस्कृति से बहुत लगाव है, इसलिए वह अपने पूर्वजों का श्राद्ध करने के लिए रूस से भारत आईं.

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