प्रसिद्ध अभिनेत्री को ACTOR लिख दिया वामपंथी विचारधारा वाले पत्रकार ने.. असल में सह नहीं पाया संघ की तारीफ ..

अपनी राष्ट्रवादी विचारधारा के लिए न सिर्फ बॉलीवुड में बल्कि आम जनता में सम्मानित स्थान बना चुकी प्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री को अपनी हेडलाइन में ही ACTOR लिखा दिया एक वामपंथी विचारधारा वाले पत्रकार ने जो सिर्फ दूसरों की कमियों को खोजने की पत्रकारिता पर केन्द्रित है . अभी हाल में ही इसी वामपंथी विचारधारा वाले पत्रकार ने सुदर्शन न्यूज की एक प्रमाणित खबर पर झूठी खबर केवल इसलिए फैला दी थी क्योकि उसमे एक मस्जिद का जिक्र था जहाँ से उत्तर प्रदेश पुलिस के के क्षेत्राधिकारी के सर कलम की खुली धमकी एक मुस्लिम उन्मादी ने दी थी .. फूस वाली मस्जिद नाम को छिपाने और एक वर्ग में खुद को तथाकथित सेकुलर के रूप में चमकाने के लिए इन्होने अपनी तरफ से सच पर पर्दा डालने की हर सम्भव  कोशिश की थी लेकिन आखिरकार सत्य के सामने इन्हें घुटने टेकने ही पड़े थे ..

एक बार फिर से इन्ही वामपंथी पत्रकार ने अपनी उसी विचारधारा का फैलाव किया है बॉलीवुड में . अपने राष्ट्रवादी बयानों के लिएय जानी जाने वाली फिल्म अभिनेत्री कोइना मित्रा द्वारा शेयर की गयी एक फोटो को इन्होने आपत्ति के रूप में ले लिया .. इस फोटो में संघ के कुछ कार्यकर्ता बाढ़ पीडितो की मदद कर रहे थे जिसे शेयर करते हुए कोइना मित्र ने संघियों के लिए प्रशंशासूचक शब्द लिखे और यही सहन नहीं हुआ इन वामपंथी पत्रकार को ..इन्होने उस खबर में से दिन समय , तारीख आदि का पोस्टमार्टम करना शुरू कर दिया .. यद्दपि कोइना मित्रा ने सिर्फ और सिर्फ संघ के कार्यकर्ताओं की तारीफ के लिए शब्द लिखे थे न किसी किसी दिन विशेष और घटना विशेष आदि के लिए लेकिन उसके बाद भी वामपंथी विचारधारा वाले इन पत्रकार महोदय ने उसको एक असहनीय पीड़ा के रूप में स्वीकार किया और उसकी शुरुआत एक अभिनेत्री को ACTOR बोल कर दी ..

सत्य की तलाश करने वाले इन तथाकथित सेकुलर पत्रकार को ये भी नहीं पता कि अभिनेत्री के लिए ACTRESS शब्द प्रयोग किया जाता है .. पुरुष और स्त्री के अंदर भेद न कर पाने वाले  ALT NEWS के इन पत्रकार महोदय ने बड़े बड़े मुद्दों में सच और झूठ को सामने लाने का फैसला किया है जो यकीनन दुनिया के लिए हास्यास्पद लग रहा है . फिलहाल अभिनेत्री कोइना मित्रा ने इस मामले की शिकायत करने का फैसला लिया है और अपने प्रतिउत्तर में मुंबई पुलिस को भी सम्बोधित किया है लेकिन सत्य की खोज पहली ही असत्य / त्रुटिपूर्ण लाइन से करना कहीं न कहीं हास्यास्पद लगता है.. अटल बिहारी वाजपेयी जी के निधन के समय कई लोगों ने उनके विरुद्ध घोर आपत्तिजनक शब्द लिखे लेकिन उनके खिलाफ एक भी शब्द की खबर नहीं लगाने वाले इन पत्रकार महोदय की पत्रकारिता समाज को किस दिशा में ले जायेगी ये आने वाले समय को निर्धारित करना है ..

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