भंसाली की माँ पर फ़िल्म बनाने जा रही करणी सेना .नाम भी चुना बेहद अनोखा

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक खबर के अनुसार करणी सेना का मानना है कि संजय लीला भंसाली ने फिल्म युग में खोल दिया ये नया रास्ता, जिससे बढ़ गयी है हिन्दू संगठनों की शक्ति और अब वो उनका ही पैंतरा उन पर ही आजमाएंगे …. यद्द्पि करणी सेना ने विरोध का जो रास्ता अपनाया है वो शायद इतिहास में पहली बार होगा ..
संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत को लेकर लगातार विरोध कर रही करणी सेना ने फिल्म का जवाब फिल्म से देने का एलान किया है। करणी सेना की चित्तौड़गढ़ यूनिट श्री राजपूत करणी सेना फिल्म बनाकर पद्मावत के विरोध में जवाब देगी। करणी सेना की चित्तौड़गढ़ यूनिट श्री राजपूत करणी सेना पद्मावत के विरोध में फिल्म बनाकर जवाब देगी।
चित्तौड़गढ़ करणी सेना ने गुरुवार (25 जनवरी) को एलान किया है कि वह संजय लीला भंसाली की मां पर आधारित फिल्म बनाकर उनकी पद्मावत का जवाब देगी। करणी सेना की तरफ से एक बार फिर दावा किया गया है कि संजय लीला भंसाली ने फिल्म पद्मावत में रानी पद्मावती का गलत चित्रण किया है। चित्तौड़गढ़ की श्री राजपूत करणी सेना के कल्वी दल के जिला अध्यक्ष गोविंद सिंह खंगरोट ने कहा- “फिल्म का नाम ‘लीला की लीला’ होगा और इसकी कहानी तैयार हो रही है। फिल्म का काम 15 दिनों के भीतर किसी शुभ अवसर से शुरू किया जाएगा और उम्मीद करते हैं कि साल भर में फिल्म बनकर तैयार हो जाएगी।”
गोविंद सिंह खंगरोट ने आगे कहा- “संजय लीला भंसाली ने मां पद्मिनी के सम्मान को चोट पहुंचाई है, इसलिए हम भी फिल्म बना रहे हैं। हालांकि यह फिल्म ऐसी होगी, जिस पर भंसाली को गर्व होगा।” उन्होंने कहा कि देश में अभिव्यक्ति की आजादी हर किसी को है इसलिए उनके पास भी यह अधिकार है।
बता दें कि संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत भारी विरोध प्रदर्शन के चलते 25 जनवरी को सिनेमाघरों में लग गई। इससे पहले राजस्थान की करणी सेना के विरोध प्रदर्शन के चलते फिल्म की रिलीज टालनी पड़ी थी। चार राज्यों हरियाणा, मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान में इस पर बैन लगा दिया गया था, लेकिन फिल्म में कुछ संसोधन होने पर सेंसर बोर्ड से इसे हरी झंडी मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों के बैन को हटा दिया था।
इस मुद्दे पर बेहद आक्रोशित करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने शीर्ष अदालत के फैसले को भी दरकिनार करते हुए पूरे भारत के तमाम हिस्सों में कई जगह हिंसक विरोध प्रदर्शन किए। यद्द्पि इसमे उन्हें तमाम अन्य हिन्दू दलों का भी साथ मिला था .. इस दौरान कई जगह तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं। प्रदर्शनकारियों के हिंसक प्रदर्शन के आगे कई जगहों परशासन-प्रशासन बौने नजर आए। वहीं, राजपूत समाज के एक तबके ने फिल्म देखने के बाद कहा इसमें कुछ भी विवादित नहीं है और उन्होंने अपना विरोध वापस ले लिया था। यद्द्पि भंसाली की माता पर फ़िल्म बनाने की खबर पर अभी करणी सेना के प्रमुख का पूर्ण स्पष्टीकरण आना बाकी है ।
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