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संगीत और गायन क्षेत्र ने पहली बार किया सवाल बॉलीवुड से… मंदसौर पर इतनी खामोशी क्यों ?

जब कठुआ में एक मासूम बची के साथ दर्दनाक घटना हुई थी तो उस समय पूरे देश में भूचाल आ गया था. पूरा देश जब कठुआ मामले के वास्तविक गुनहगारों को फांसी की सजा देने की मांग कर रहा था उस समय अचानक से मामले को धार्मिक रूप दे दिया गया. मामले को बलात्कार की जगह हिन्दू बनाम मुस्लिम बना दिया गया. इसमें बड़ी भूमिका निभाई बॉलीवुड के कई कलाकारों ने, जिन्होंने हाथों में बड़े बड़े प्लेकार्ड लेकर अभियान चलाया तथा पूरे हिन्दू समुदाय को बलात्कारी तथा हिन्दुओं के मंदिर को बलात्कार का अड्डा बताने की कोशिश की गई.

लेकिन अब मध्य प्रदेश के मंदसौर में भी उतनी ही दर्दनाक घटना हुई है तो कठुआ मामले पर चीखने वाले इस घटना पर मौन साधे हुए हैं.न तथाकथित बुद्धिजीवी कुछ बोल पा रहे हैं और बॉलीवुड को तो मानो सांप ही सूंघ गया है. मंदसौर मामले पर बॉलीवुड की इसी चुप्पी पर सवाल खड़े किये हैं संगीत व गायन क्षेत्र की एक मशहूर शख्सियत मालिनी अवस्थी ने. मंदसौर मामले ओर बॉलीवुड कलाकारों की चुप्पी पर मालिनी अवस्थी ने सवाल किया कि आखिर बच्चियों के साथ अत्याचार के मामले में धार्मिक भेदभाव क्यों किया जा रहा है? कठुआ कांड को लेकर तख्ती लटकाने और विदेशी मीडिया में लेख लिखने वाले लोग आखिर मंदसौर की घटना पर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं. बॉलीवुड पर निशाना साधते हुए मालिनी अवस्थी ने ट्वीट किया, ‘कठुआ पर शर्म आई और मंदसौर पर जुबां पर ताले! आक्रोश में भेदभाव! बॉलीवुड में अब न कोई तख्ती लटका रहा, न ही कोई विदेशी अखबारों और मीडिया में भारत को बदनाम करता हुआ लेख लिख रहा. न घंटों विलाप करने वाले एंकर अब व्यथित दिख रहे! बच्चियों में भी भेदभाव का दोहरा मापदंड सिर्फ सेक्युलर कर सकते हैं.’

इसके अलावा एक टीवी चैनल से मालिनी अवस्थी ने कहा, ‘मैं खुद भी एक औरत हूं और मैं एक बेटी की मां हूं. मैंने जिंदगी भर जो भी गाया, वो औरतों को ही समर्पित गीत गाए हैं. निर्भया का किस्सा हो या कठुआ का कांड हो या फिर कोई रेप की घटना, उसके दोषियों को फांसी की सजा मिलनी ही चाहिए.’उन्होंने कहा कि सिर्फ छेड़छाड़ की घटना से ही एक लड़की का कलेजा आर-पार हो जाता है. मंदसौर की घटना के बारे में भी सुनते ही मन आक्रोश से भर गया, लेकिन मुझे यह लगा कि मैं एक अकेली कलाकार हूं, जिसने इस मामले में ट्वीट किया. मैंने यही कहा कि यह अजीब सी हैरान करने वाली बात है कि कैसे कुछ लोगों के लिए एक बात इतनी बड़ी हो जाती है कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर तक व्यापक हो जाती है और दूसरी घटना पर कोई बोलता तक नहीं है.’ मालिनी अवस्थी का मानना है कि जो लोग कठुआ कांड पर हल्ला मचा रहे थे, वो इस घटना पर चुप्पी साधे हुए हैं. ऐसे लोग रेप की घटना को भी धर्म के चश्मे से देख रहे हैं. बॉलीवुड के कलाकारों पर सीधा हमला बोलते मालिनी अवस्थी ने कहा, ‘मैं पूछना चाहती हूं कि बॉलीवुड में बहुत कलाकार हैं, उनको कठुआ कांड को लेकर शर्म आई थी, लेकिन मंदसौर की घटना पर शर्म क्यों नहीं आई?’ जब उनसे सवाल किया गया कि क्या आप रेप को धर्म के चश्मे से देख रही हैं, तो उन्होंने कहा, ‘मैं मंदसौर की घटना को धर्म के चश्मे से नहीं देख रही हूं. मैंने धर्म का नाम तक नहीं लिया है और मुझे इस बात से हैरानी हो रही है कि बेटियों के साथ अत्याचार को धर्म से जोड़कर देखा जा रहा है, जैसे कि कठुआ मामले में देखा गया था तथा मंदसौर पर चुप्पी ने इसको पुख्ता ही किया है.’

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