शांति के कथित कबूतरों की गर्दन मरोड़ने की मांग अब बॉलीवुड से भी.. सैनिक का रक्त देखकर राष्ट्र है लाल

पुलवामा आतंकी हमले में 40 से ज्यादा जवानों के बलिदान के बाद पूरा राष्ट्र आक्रोश से भरा हुआ है. पूरा देश एकतरफ जहाँ बलिदानियों को श्रद्धांजलि दे रहा है तो वहीं दूसरी तरफ इस्लामिक आतंकी तथा उनके आकाओं के खिलाफ कार्यवाई की मांग भी कर रहा है. इस बीच कुछ कथित सेक्यूलर बुद्धिजीवी ऐसे भी है जो अभी भी शांति के श्वेत कबूतर उड़ाने की बात कर रहे हैं. शांति के कथित कबूतर उड़ाने का उपदेश देने वालों को करारा जवाब दिया है बॉलीवुड की बेवाक अभिनेत्री कंगना रनौत ने.

बॉलीवुड की “मणिकर्णिका” कंगना रनौत ने पुलवामा हमले पर गहरा शोक जताते हुए ‘पिंक विला’ को दिए इंटरव्यू में कहा, “पाकिस्तान ने न सिर्फ़ हमारे देश की सुरक्षा पर हमला किया है, बल्कि इस हमले के ज़रिए उसने ख़ुलेआम हमें चुनौती दी है, हमारे आत्मसम्मान को गहरी चोट पहुंचाई है और हमारा अपमान किया है. ऐसे में अब हमें एक निर्णायक कदम उठाना होगा. वरना हमारी चुप्पी को हमारी कायरता समझ लिया जाएगा. आज भारत लहूलुहान है…  ऐसे में जो भी अहिंसा और शांति की बात करेगा, उसे बीच सड़क पर तमाचा मारना चाहिए. सभी के मुंह को काला किया जाना चाहिए, फिर उन्हें गधे पर बैठाकर सरेआम सड़क पर घुमाना चाहिए और उन्हें तमाचे रसीद करने चाहिए.”

कंगना से जब जावेद अख़्तर और शबाना आज़मी के पाकिस्तान न जाने पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा- “शबाना आज़मी द्वारा सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर रोक लगाने का फ़ैसला हैरानगी भरा है. ये वही लोग हैं जो ‘टुकड़े टुकड़े गैंग’ के समर्थक हैं. जब उरी हमले के बाद पाकिस्तान के कलाकारों पर बंदिश लगाई जा चुकी हैं तो ऐसे में कराची में कार्यक्रम का आयोजन करने का क्या तुक है? अब वो अपना चेहरा बचाने की कोशिश कर रहे हैं. फ़िल्म इंडस्ट्री ऐसे देशद्रोहियों से भरी पड़ी है, जो दुश्मनों का हौसला बढ़ाते रहते हैं. अब वक्त आ गया है कि कोई ठोस और निर्णायक कदम उठाया जाए. पाकिस्तान पर पाबंदी लगाना हमारा फ़ोकस नहीं होना, बल्कि पाकिस्तानी की बर्बादी हमारा मकसद होना चाहिए.”

Share This Post