जब योगी और भागवत जी के खिलाफ जहर उगला था गायिका हार्ड कौर ने तब ही अनुमान लग रहा था कि कुछ गडबड है .. अब वो गडबड सामने आई

एक तथाकथित गायिका जिसको लगभग तमाम लोग भूल चुके हों और किसी को याद भी न रह गई हो , वो अचानक ही भारत के 2 सबसे बड़े हिंदूवादी नामो के खिलाफ बोलना शुरू कर दे तो तमाम प्रकार के अनुमान लगाए जाने लगते हैं.. कुछ ने सोचा कि गुमनामी के अँधेरे से निकल पर प्रसिद्धि पाने का कोई नया हथकंडा अपनाया होगा तो कुछ ने सोचा कि लगातार असफलता के चलते निराशा में उलटे सीधे बयां आ रहे हैं . कुछ ने सोचा कि शायद ये प्रकाश राज की तरह राजनीती में आने की मंशा हो ..

पर वो सब अनुमान गलत साबित हुए और आख़िरकार तथाकथित गायिका ने अपना असली रंग दिखा ही दिया है.. ये ठीक वही राह है जिस पर लगातार असफलता से खिन्न हो कर एजाज खान चल दिया है.. उसकी राह जहा मजहबी चरमपंथ की तरह जा रही है तो वही हार्ड कौर ने खुद को देश विरोधी मानसिकता खालिस्तानी सोच की तरफ झुका लिया है.. इन्ही के खिलाफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए करीब एक महीने पहले उनके खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया था।

हर्द कौर अपने इंस्टाग्राम पर प्रो-खालिस्तान प्रोपेगेंडा पोस्ट कर रही हैं और कथित तौर पर वह ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) द्वारा चलाए जा रहे कैंपेन ‘रेफरेंडम 2020’ में शामिल हो गई हैं। हार्ड कौर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किए गए दो वीडियो में वह “पंजाब रेफरेंडम 2020 खालिस्तान” टी-शर्ट पहने हुए दिखाई दे रही हैं। उन्होंने मारे गए उग्रवादी नेता जरनैल सिंह भिंडरावाले की प्रशंसा में पारंपरिक सिख गायक तरसेम सिंह मोरनवाली द्वारा गाए गए गाने भी साझा किए. खालिस्तान विचारधारा को खत्म करने के लिए सेना के कई जवानो ने और पंजाब पुलिस के कई वीरों ने अपने बलिदान दिए है फिर भी ऐसी सोच का समर्थन हार्ड कौर की असल मंशा को दिखा गया .

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