मोदी विरोध के लिए विख्यात एक अदाकारा ने भारत में सबसे ज्यादा प्रचारित किया था हिन्दू विरोधी ब्रांड सर्फ एक्सेल को

कहीं इसका कोई आपसी कनेक्शन तो नहीं ? कहीं व्यवसाय जगत और फिल्म जगत दोनों में कोई रिश्ता तो नहीं . दोनों की मानसिकता भी लगभग एक जैसी ही मिली जुली होगी तभी उन्होंने बीड़ा उठाया था उसको भारत में प्रचारित करने का . उन अदाकारा की मानसिकता को पहले ही जगजाहिर थी लेकिन अब ब्रांड ने भी अपना रूप दिखा ही दिया है . अनुसन्धान का विषय ये है कि विरोध सिर्फ मोदी का है , या देश का या अंत में कई साजिशो का पहले से ही शिकार हिन्दू धर्म का ..

वर्तमान समय में अपनी हिन्दू विरोधी छवि के लिए आतंकियों से भी ज्यादा कुख्यात हो चुका ब्रांड सर्फ एक्सेल फिर से चर्चा में है . पवित्र कुम्भ में अपनी हिन्दू विरोधी छवि दिखाने के बाद भी जब उसका मन नहीं भरा तो उसने होली के लिए एसा एड निकला है जो आक्रोशित कर रहा है हिन्दू समाज को . लेकिन सवाल ये है कि इस विदेशी ब्रांड को भारत में स्थापित किस ने किया था . तो जवाब ऐसा निकलता है जो आपको एक बार तो गहराई से सोचने के लिए मजबूर कर ही देगा .

ज्ञात हो कि जब सर्फ एक्सेल ने पहली बार ‘२ बाल्टी पानी रोज बचाएं” का नारा दिया तब सबने उसका स्वागत किया था जो यकीनन स्वागत के योग्य था भी . लेकिन अब जा कर उसका असल अर्थ सामने आ रहा है और ये माना जा रहा है कि आगे चल कर उसका यही नारा हिन्दुओ के पवित्र त्यौहार होली के खिलाफ ही प्रयोग होने जा रहा है जिस पर बॉलीवुड वालों का अक्सर बयान आता रहता है . भले ही उनके बयानो की श्रृंखला किसी अन्य मत या मजहब के लिए बंद होती है जिसमे खून तक बहता हो .

आज के समय हिन्दुओ के खिलाफ मोर्चा खोल चुके ब्रांड सर्फ एक्सेल को भारत में सबसे ज्यादा प्रचारित किया है जावेद अख्तर की पत्नी और फिल्म अदाकारा शबाना आज़मी ने . ये वही शबाना आज़मी हैं जो नरेन्द्र मोदी के खुले विरोध के लिए जानी जाती हैं और उनके पति संदिग्ध आतंकियों के पैरवी करने वालों के लिए . इनकी इसी हरकत से परेशान हो कर अभी हाल में ही बॉलीवुड से इनके खिलाफ कंगना रानौत जैसी अदाकारा ने आवाज भी उठाई थी जो कुछ कथित सेकुलरिज्म के ठेकेदारों को रास नहीं आई थी जबकि उस आवाज में दर्द छिपा था राष्ट्र के रक्षको CRPF वीरों के पुलवामा में बलिदान का .

शबाना आज़मी का हिन्दुओ के खुले विरोध पर उतारू हो चुके ब्रांड सर्फ एक्सेल से रिश्ता लगभग 20 साल पुराना है . उनके ही प्रयासों से ये धीरे धीरे भारत में अपनी जड़े इतनी गहरी बना गया कि अब ये आतंकियों की भाषा बोलने लगा है ..ऐसी भाषा अलगावादी ही कभी बोला करते थे .. सर्फ एक्सेल ने भी शबाना आज़मी का धन्यवाद एक पुरष्कार के साथ दिया था और उन्हें ‘ताज एनलाइटेन तारीफ अवॉर्ड’ से पुरस्कृत किया गया था जो हिंदुस्तान यूनीलीवर के प्रमुख अरुण श्रीनिवास ने अपने हाथो से दिया था . ये वर्ष  था सन २०१० का जब शबाना अपना 60 वां जन्मदिन मना रही थी ..

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