वो उस बॉलीवुड से था जिसमें अधिकतर पाकिस्तान प्रेमी भरे हुए हैं.. लेकिन उसकी समस्या ये निकली कि वो हिंदू था


ये घटना उस बॉलीवुड के एक अभिनेता तथा उसके परिवार के साथ घटित हुई, जिस बॉलीवुड में तमाम पाकिस्तान प्रेमी भरे हुए हैं. लेकिन शायद उनकी गलती ये थी कि वह हिन्दू थे और हिन्दू होने के कारण ही उन्हें इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा, हर्ष के साथ दिवाली मनाने से वंचित रहना पड़ा. हम बात कर रहे हैं एक अभिनेता के रूप में फ़िल्म उद्योग से जुड़े मुंबई के मलाड पश्चिम के रहने वाले विश्व भानू की, जिन्हें उनके पड़ोसियों(मुस्लिम) ने दिवाली नहीं मनाने दी.

विश्व भानु को उनके मुस्लिम पड़ोसियों ने दिवाली नहीं मनाने दी गई, इसकी जानकारी किसी और ने नहीं बल्कि खुद विश्व भानु ने दी. विश्व भानु ने फेसबुक करते हुए उन्होंने अपने तथा अपने परिजनों के साथ मुस्लिमों द्वारा की गई असहिष्णुता के बारे में लिखा. लेकिन अफ़सोस की बात ये है कि इस सबके बाद भी न तो कोई कथित बुद्धिजीवी विश्व भानु के समर्थन में कुछ भी बोला और न ही बॉलीवुड के वो कलाकार जिन्हें देश में असहिष्णुता नजर आती है.

विश्व भानु ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा कि दिवाली के मौक़े पर सोसायटी के लोग (मुस्लिम) उन्हें और उनकी पत्नी को घर में दीये जलाकर रोशनी करने और रंगोली बनाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं. विश्वास भानु ने फेसबुक पर लिखा कि मैं मुंबई मलाड मालवानी में एक मुस्लिम सोसाइटी में रहता हूं और पिछली साल की तरह ही इस बार भी हमारे पड़ोसियों ने दिया जलाने और रंगोली बनाने को लेकर हमसे बहस की। वे हमें घर के दरवाजे के बाहर रंगोली बनाने और दिये जलाने से रोक रहे हैं. उन लोगों ने लाइट तोड़ दी और भीड ने मुझसे जबरदस्ती लाइट हटाने को कहा.इस मामले में विश्व भानु ने मालवानी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है.

विश्व भानु ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा है कि हर साल की तरह, मेरी पत्नी प्रियंका शर्मा को मोमबत्ती जलाने और दिवाली पर अपनी रंगोली बनाने से रोका गया है. असामाजिक तत्व जो सोसायटी में रहते हैं, जहाँ रेहान पेटीवाला, सलीम और मुस्तफा ने लाइट्स तोड़ दीं. हर साल वे ऐसा करते हैं और यहाँ तक कि हमारे भगवान और देवी-देवताओं का भी मजाक उड़ाते हैं. बकरा ईद पर, वे हमें अपना दरवाज़ा खुला रखने के लिए मजबूर करते हैं और वे हमारे घर के सामने बकरियों का वध करते हैं जबकि वो यह काम कहीं और भी जाकर कर सकते हैं. लेकिन, मैंने कभी कुछ नहीं कहा क्योंकि यह उनका त्योहार है क्योंकि हम हिन्दू हैं, हमारा मज़ाक उड़ाया जाता है, दबाव डाला जाता है और ऐसी स्थिति बनाई जाती है कि हम जल्द ही इस क्षेत्र को छोड़ दें. छोटी-छोटी बातों के लिए, वे हमसे लड़ने आते हैं. मैं ज़्यादातर शूटिंग के लिए घर से बाहर रहता हूँ, लेकिन मैं अपनी पत्नी को लेकर काफ़ी चिंतित हूँ.

एक मीडिया वेबसाइट ने दावा किया है कि उसने इस मामले को लेकर विश्व भानु से बात की है. इस दौरान विष भानु ने बताया है कि वह मलाड पश्चिम की सोसायटी में रहते हैं, जो मालवानी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है. जिस सोसायटी में वो रहते हैं वो मुस्लिम बहुल इलाका है वहाँ सिर्फ़ उसी का एकमात्र हिन्दू परिवार रहता है. जैसे ही उन्होंने घर सजाने के लिए लाइट्स लगाईं, वैसे ही इलाक़े के मुसलमान उसी जगह पर आ गए और जलती हुई इलेक्ट्रिक लाइट्स हटा दीं. भानु की पत्नी ने दावा किया कि जिस समय लाइट्स हटाई गईं उस समय वहाँ आसपास कुछ बच्चे भी खेल रहे थे, उन्हें करंट लग सकता था.

उन्होंने बताया कि मुस्लिम भीड़ लाइट्स को हटाने के लिए आगे बढ़ी और तारों को खोल दिया. ऐसा करते समय लोगों को करंट भी लग सकता था. इस दौरान महिलाओं और बच्चों ने भी भानु के परिवार को प्रताड़ित किया, उन्हें तरह-तरह के ताने और अभद्र अपशब्द भी कहे. आक्रामक हुई भीड़ ने दावा किया कि हिन्दू हर चीज में मूत्र मिलाते हैं और उनके स्थान पर भोजन नहीं करना चाहिए. हिन्दू दंपत्ति को इस मामलों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए उन्हें मजबूर किया गया कि वो अपने घर से लाइट्स को हटाएँ.

इस दौरान विश्व भानु ने दावा किया कि सिर्फ़ दिवाली ही नहीं बल्कि होली के दौरान भी वे त्योहार को ठीक से नहीं मना सकते. यही हाल दशहरा और शिवरात्रि का भी है।सिर्फ़ दिवाली ही नहीं बल्कि होली के दौरान भी वे त्योहार को ठीक से नहीं मना सकते. यही हाल दशहरा और शिवरात्रि का भी है. भानु ने बताया कि वे हमेशा ईद जैसे त्योहारों के दौरान अपने पड़ोसियों के साथ समझौता करते हैं, लेकिन वो हिन्दू त्योहारों के दौरान कभी अच्छा व्यवहार नहीं करते.


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share
Loading...

Loading...