दो शादियां करने वाले मोहम्मद रफी ने क्यों छिपा कर रखा अपनी पहली बीवी का राज…

मोहम्मद रफ़ी की आवाज़ का जादू आज भी लोगों के सर चढ़ कर बोलता है। आज भी रफ़ी के गीत लोग गुनगुनाते हैं। उनके गीतों के साथ-साथ रफ़ी के स्वाभाव और व्यक्तित्व की भी लोग काफी तारीफ करते हैं। लेकिन मोहम्मद रफ़ी ने अपनी ज़िन्दगी का अहम पहलु सबसे छुपा कर रखा है और वो है उनकी अपनी चाचा की बेटी बशीरन बेगम के साथ उनका निकाह। जिसे रफ़ी ने सबके सामने कबूलने से इंकार कर दिया और इसे महज़ अफवा बताकर शांत करने की कोशिश की।

मोहम्मद राफी की बहु ने अपनी किताब ‘मोहम्मद रफी मेरे अब्बा.. के एक संस्मरण’ में रफ़ी के पहले निकाह का ज़िक्र किया है और एक औरत का दर्द समझते हुए यह सवाल भी उठाया है कि आखिर क्यों उन्होंने अपना पहला निकाह छुपाया? 13 साल की उम्र में रफ़ी ने बशीरन से निकाह किया जिसके साथ उनका एक बेटा सईद भी है। बशीरन तब उनके साथ थी लेकिन तब रफ़ी के पास नाम सोहरत नहीं थी। रफ़ी ने कभी बशीरन का जिक्र तक नहीं किया और बशीरन के साथ रिश्ते को महज़ एक अफवा बता दिया।
20 साल की उम्र तक पहुंचने से पहले ही रफ़ी ने बशीरन को तलाक दे दिया और दूसरा निकाह बिलकिस बेगम के साथ कर लिया। क्या बीती होगी बशीरन के दिल में जब उनके पति रफ़ी लोगों के सामने बशीरन को उनकी बीवी होने का हक़ तक नहीं दे पाए और बशीरन के जीवित होते हुए भी किसी और से निकाह कर लिया। जिस रफ़ी को बशीरन ने अपना जीवन साथी माना उन्होंने और उनके परिवार ने बशीरन के साथ अपने रिश्ते को अफवा का नाम देकर बशीरन और उनके बेटे का अपमान किया। आखिर बशीरन का क्या दोष? 
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