Gurukul

नालंदा और तक्षशिला कभी विश्व गुरु माने जाने वाले भारत को स्वर्णिम बनाया करते थे। शिक्षण- प्रशिक्षण की हमारी प्राचीन परंपरा अद्भुत थी। गुरुकुल की शिक्षण परंपरा अद्वितीय है जो विद्या को हमारे जीवन का ही भाग बना देती है। योग, ध्यान, व्यायाम और सुव्यवस्थित जीवनचर्या के साथ प्राप्त शिक्षा आर्थिक उद्देश्यों तक सीमित कर हमें जीवनानुभवों से इतर नहीं करती बल्कि शारीरिक और मानसिक अनुभवों के विस्तृत वितान खोलती है।

हमें विनय देती है। हमें एक पूर्ण मनुष्य बनाती है।

आधुनिक समय में आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ गुरुकुल की प्राचीन परंपरा का समन्वय निश्चित ही भावी पीढ़ियों का सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शक हो सकता है।  ‘पत्रकार गुरुकुल’ अवश्य ही श्रेष्ठ बौद्धिक पत्रकारों का निर्माण करने में सक्षम होगा जो निश्चित ही उज्जवल वर्तमान और भविष्य का सृजन करेंगे।

भोजन, आश्रय और शिक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की चिंता मेधावी शिक्षार्थियों के पल्लवित-पुष्पित होने में आड़े नहीं आनी चाहिए। निः शुल्क शिक्षा, आवास और भोजन के साथ उच्चस्तरीय शिक्षा की हमारी पहल हमारी महान सनातन परंपरा के संरक्षण और विकास की ओर हमारा एक कदम है।

 

  ” सत्यं ज्ञानमनन्तं ” 

 

आत्मज्ञान हमें स्वतः ही अनायास प्राप्त नहीं हो जाएगा। इसकी सिद्धि के लिए 

महान यत्न करने की आवश्यकता पड़ती है। 

आचार्य शंकर 

 

 ”पत्रकारों का गुरुकुल

(पूर्ण आवासीय गुरुकुल परंपरा में रहकर एक वर्ष तक पत्रकारिता प्रशिक्षण)

-ज्ञान, कौशल और अधुनातन प्रौद्योगिकी (इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, नवीनतम गैजेट) युक्त  विश्वस्तरीय शिक्षण-प्रशिक्षण   – देश के सभी 29 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से प्रशिक्षुओं का प्रतिनिधित्व

प्रमुख विशेषताएं:

  • -शून्य शुल्क में संपूर्ण पत्रकारीय कौशल
  • -आवास और भोजन निःशुल्क
  • -अत्याधुनिक तकनीक के साथ प्रशिक्षण
  • -सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास

 

उद्देश्य:

भारतीय दृष्टि और संस्कृति के वैभव को भावी पीढ़ियों में सींचने, उन्हें संस्कारित कर सत्य के अन्वेषण की दिशा में पत्रकारीय कर्म।

  • – कल के भारतवर्ष को बनाने के लिए आज निवेश
  • – पत्रकारिता में भारतीय दृष्टि, चिंतन और सरोकार
  •  – राष्ट्रवादी पत्रकारिता एवं ज्ञान के इस अभिनव संस्थान में एक वर्ष के पत्रकारिता प्रशिक्षण सत्र में योग, आत्म संरक्षण, निशानेबाजी आदि का भी अनिवार्य प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • – देश-दुनिया में भारतीय दृष्टि से सत्य के अन्वेषण द्वारा मानवता के उत्कर्ष के लिए पत्रकारीय कार्य करना हमारा लक्ष्य है।
  •    प्रशिक्षुओं को ज्ञान , परंपरा के साथ विश्वस्तरीय अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम

मीडिया शिक्षण-प्रशिक्षण क्रम में उनके व्यक्तित्व विकास के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रकाश डाला जायेगा। 

  • – विवेकाधिकार और आत्म-संयम
  • – चरित्र में सुधार
  • – मित्रता या सामाजिक जागरूकता
  • – मौलिक व्यक्तित्व और बौद्धिक विकास
  • – पुण्य का प्रसार
  • – आध्यात्मिक विकास
  • – ज्ञान और संस्कृति का संरक्षण

 

 पात्रता                :    

  •  भारतीय धर्मावलम्बी
  •  भारत को भारतीय सनातन मूल्यों और विचार-दृष्टि से आंकलित करने वाली हिन्दूवादी पृष्ठभूमि

प्रवेश प्रक्रिया     :       ऑनलाइनऑफलाइन टेस्ट और साक्षात्कार द्वारा 

For More Information click here :

Click Here to Apply Online to Gurukul