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कक्षा 11 की बच्ची की जिन्दगी तबाह करने वाले शिक्षक के वेश में लव जिहादी इशरत अली को 7 वर्ष के लिए भेजा जेल जानिये कहाँ की है ये घटना ?

४ साल से उस किशोरी को जिस निर्णय का इन्तजार था, आखिर वह निर्णय आ ही गया. जिस इशरत अली से स्कूल में वह शिक्षा ग्रहण करती थी अपना गुरु कहती थी उसी इशरत ने उसे अगवा करके बलात्कार किया तथा उसकी जिन्दगी को तबाह कर दिया था. लेकिन अब बलात्कार का आरोप सिद्ध होने पर कोर्ट ने शिक्षक को 7 वर्ष और 5 वर्ष कुल 12 वर्ष की कारावास की सजा सुनाई. साथ ही 50 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया. जुर्माना जमा नहीं करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास का फैसला दिया. जबकि जुर्माने की धनराशि से 30 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाने का निर्देश दिया.

खबर के मुताबिक़, वर्ष 2014 में पंडित दीनदयालनगर (मुगलसराय) की एक किशोरी नगर के एक निजी विद्यालय में पढ़ती थी. इसी स्कूल में मिर्जापुर जिले के अदलहाट थाना क्षेत्र के डेढ़वना ग्राम निवासी इसरत अली उर्फ मोनू विज्ञान का शिक्षक था. उसी दौरान किशोरी की जान पहचान हो गई. आरोप है कि 14 जून 2014 की शाम करीब पांच बजे किशोरी घर से कंप्यूटर कोर्स करने के लिए निकली. लेकिन घर वापस नहीं आई. परिजनों ने काफी खोजबीन की तथा इसके बाद 21 जून को मुगलसराय कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई. इसके बाद किशोरी घर पहुंची और परिवार के लोगों को बताया कि शिक्षक इशरत अली ने कोचिंग से पहले बहला फुसलाकर अपने मौसी के घर ले गया.

पीडिता ने आपने परिजनों को बताया कि इशरत अली ने उस पर शादी का दबाव बनाते हुए उसके साथ बलात्कार किया. इसपर उसके पिता ने दो जुलाई 2014 को कोतवाली में उक्त शिक्षक के खिलाफ बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया. इसकी सुनवाई सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम राजेश कुमार राय की अदालत में हुई. अभियोजन की ओर से विशेष अधिवक्ता पाक्सो शमशेर बहादुर सिंह ने तर्क प्रस्तुत किया. उन्होंने बताया कि आरोपित को धारा 366 में पांच वर्ष और 10 हजार रुपया जुर्माना व 376 आईपीसी में सात साल कठोर कारावास की सजा एवं 40 हजार रुपया अर्थ ञदंड से दंडित किया गया है. दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी.

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