लुटेरे बाबर की दस्तक अब चंडीगढ़ में? क्या अयोध्या के अलावा खुलेंगे और भी मोर्चे ?


प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या से तो 9 दिसंबर को मुग़ल आक्रान्ता लुटेरे बाबर का कलंक उस समय मिट गया जब माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के पक्ष में फैसला सुनाया. माननीय सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद पूरा देश खुशी से झूम उठा था. खैर अयोध्या से तो मुगल आक्रान्ता लुटेरे बाबर का कलंक मिट गया लेकिन अब उसी लुटेरे बाबर ने प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या को लेकर चंडीगढ़ में दस्तक दी है.

खबर के मुताबिक़, चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी में बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण को लेकर पोस्टर लगाए गये हैं. ये पोस्टर वामपंथी छात्र इकाई SFS ने लगाए हैं. जैसे ही यूनिवर्सिटी कैम्पस में बाबरी के समर्थन पोस्टर लगने की खबर सामने आई, यूनिवर्सिटी में बवाल मच गया. ABVP तथा अन्य तमाम छात्रों ने एसएफएस के खिलाफ नारेबाजी की साथ ही अधिकारियों से इसकी शिकायत की. पीयू ने मामला शांत करवाने के लिए तत्काल खुद ही पोस्टर हटा दिए. वहीं छात्रों ने सेक्टर 11 के थाने में तहरीर भेजी है तथा कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की अवमानना की गई है.

एसफएस की ओर से लॉ विभाग, ब्वॉयज हॉस्टल नंबर सात समेत कई पोस्टर लगाए हैं. उन पोस्टरों के जरिये लोगों की भावनाओं को भड़काने जैसे शब्द लिखे हैं. पोस्टरों में लिखा गया है कि बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण किया जाए. 1949 में हिंदू मूर्तियों को उस स्थान पर रखना गलत था. पोस्टर के बारे में जैसे ही एबीवीपी व अन्य छात्रों को पता लगा तो उन्होंने कुछ जगह हंगामा किया तथा उसके बाद डीएसडब्ल्यू समेत कई अधिकारियों को अवगत कराया.

एबीवीपी के संयोजक व पूर्व सचिव परविंदर सिंह कटोरा कहते हैं कि एसएफएस ने सुप्रीम कोर्ट की अवमानना की है, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए. कहा, यदि कोई दिक्कत है तो कोर्ट में एसएफएस इसे चुनौती दे. उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन होगा. एबीवीपी की केंद्रीय कार्यसमिति मेंबर कुदरत जोत कौर ने कहा कि एसएफएस ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है जो किसी भी हालात में स्वीकार्य नहीं है.


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