128 मदरसे चिन्हित हुए हैं जिन्हें दिक्कत है भारत के तिरंगे, राष्ट्रगान व सरकारी आदेश से. आप भी जाने उनके बारे में


काफी समय से यह मुद्दा छाया हुआ हैं कि भारत में जितने भी मदरसें है वह स्वतऩ्त्रता दिवसए गणतन्त्र दिवस या कोई भी राष्ट्रीय पर्वं होता हैं तो इन मदरसों में

झ़ंडा क्यों नही फहराते हैं और देख जाये तो यह मुद्दा काफी गंभीरता का विषय हैं जो आज तक की बनी किसी भी सरकार ने उठाया होगा पर योगी सरकार के

राज में यह मुद्दा जरूर उठा है ।

एक प्रकार से देखा जाये तो मदरसें शिक्षा का वह केन्द्र हैं जहॉ पर मौलवी गुरूओं के द्वारा मुस्लिम बच्चों को वह तलीम दी

जाती जो उनके पूरे जीवन में साथ.साथ चलती रहती हैं वही दी हुई तालीम। अब सवाल यह उठता हैं कि क्या मजहबी तालीम में अपने देश या उससे जुड़ी हुयी

तालीम क्यों नही दी जाती हैं क्या यह अनुचित नही लगता है अगर हम जिस देश में रहतें हैं।

इसी मुद्दे पर योगी सरकार ने यूपी के जितने भी मदरसें हैं

उनके लिए यह फरमान निकाला कि जितने भी मदरसे है यूपी में अब से इन मदरसों में जितने भी राष्ट्रीय पर्वं हैं उन पर्वों पर अब हर मदरसें में ध्वजारोहण

किया जायेगा और बच्चों को उस राष्ट्रीय पर्वं से जुड़ी जानकारियॉ दी जायेगीं और उस प्रोगाम का वीडियों भी बनाकर उन मदरसों को जिला अल्पसंख्यक अधिकारी

को देना पड़ेगा।

इस फरमान के बाद केवल 22 मदरसों ने अल्पसंख्यक अधिकारी को वीडियों सौंपा हैं जबकि 128 मदरसों से जब वीडियों मांगी गयी तो वह

अल्पसंख्यक अधिकारी के सवालों का जवाब देने से कतरा रहें हैं आखिर क्या बात हो सकती हैं क्या भारत और भारत के राष्ट्रीय पर्वं इनके जीवन का अहम् हिस्सा

नहीं हैं आखिर रह तो रहे ये भारत की जन्मभूमि पर रह रहे ना की किसी और देश में


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