बिहार में 22 मुस्लिम छात्र बने जज. ये सभी नए न्यायाधीश अब करेंगे बिहार में न्याय


अचानक ही बिहार से वो खबर आ रही है जो सेक्युलर शक्तियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी जैसी साबित हो सकती है..मुस्लिमो को समाज के हर वर्ग में आगे बढाने के लिए बिहार में नीतीश सरकार के साथ तेजस्वी यादव जैसे विपक्ष के नेताओं ने जो माहौल बनाया है वो उस समय सार्थक होते दिखाई दिया जब बिहार प्रदेश में 22 मुस्लिम प्रतियोगी छात्रों ने जज बनने की दक्षता परीक्षा पास कर ली और अब वो आने वाले समय में बिहार में न्यायाधीश बन कर न्याय करेंगे..

विदित हो कि जज बने इन 22 मुस्लिम प्रतियोगी छात्रो में 7 लडकियाँ भी हैं जिसमे से हिजाब पहन कर आने वाली एक छात्रा ने इन सबमे टॉप किया है.. वैसे ये पहला मौका नहीं है जब इस तरह से मुस्लिम छात्रों ने अपनी एक मजबूत उपस्थिति प्रशसनिक या न्यायिक सेवाओं में दर्ज करवाई हो.. इस से पहले IAS के इम्तिहान में भी कई मुस्लिम छात्रों ने क्वालीफाई कर के एक बदलते समाजिक तानेबाने का संकेत दिया था .. इसमें सबसे चर्चित IAS कश्मीर का फैसल था जो बाद में इस्तीफा दे कर राजनीति में आ गया..

इस से पहले उत्तर प्रदेश में भी न्यायिक सेवा में 38 मुस्लिमों ने ‘योर ऑनर’ कहलाने का हक़ हासिल किया था। इनमे से 18 लड़कियां है . अभी हाल ही में राजस्थान के रिज़ल्ट में 6 मुस्लिम चुने गए जिनमे से पांच लड़कियां थी। बिहार में कुल 22 मुस्लिम जज बने है। इनमें से 7 लड़कियां है। ओवैसी जैसे नेता आये दिन संसद में बयान दिया करते हैं कि मुसलमानों की शिक्षा भारत में सबसे कम है, जिसको लेकर मुसलमानों का एकबड़ा तबका बदहाली की जिदंगी में जी रहा है। लेकिन जिस तरह से मुसलमानों ने न्यायिक सेवा में अपने जीत का परचम लहराया है, वो आने वाले समय में एक बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है ..

 


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