पाकिस्तान की सीमा से सटे इस प्रदेश के मुखिया ने नागरिकता संशोधन बिल का किया विरोध.. कहा- नहीं लागू करेंगे अपने राज्य में


आज का दिन भारत के लिए बहुत ही ऐतिहासिक दिन है. आज लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक पेश किया गया है. ये बिल पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश से आए हुए अल्पसंख्यक शरणार्थी हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई तथा पारसियों को भारतीय नागरिकता देगा. इस समय लोकसभा में बिल को लेकर चर्चा हो रही है लेकिन इसी बीच पाकिस्तान की सीमा से सटे राज्य पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एलान कर दिया है कि पंजाब इस बिल को मंजूरी नहीं देगा.

कांग्रेस पार्टी शासित पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का कहना है कि नागरिक संशोधन विधेयक भारत की लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ है इसलिए वह इसका विरोध करते हैं. वह 7 दिसंबर शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए जहां उन्होंने नागरिक संशोधन विधेयक को लेकर अपना विरोध जताया तथा कहा कि इस बिल को पंजाब में लागू नहीं होने दिया जाएगा.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नागरिक संशोधन विधेयक व नेशनल रजिस्टर फॉर सिटीजन यानी एनआरसी दोनों को ही गलत बताया. दिल्ली आए कैप्टन ने कहा कि पंजाब किसी हालत में नागरिक संशोधन विधेयक को मंजूर नहीं करेगा क्योंकि यह भी एनआरसी की तरह लोकतंत्र की भावना के विपरीत है. उन्होंने कहा कि पंजाब में इसे लागू नहीं किया जाएगा.


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