अयोध्या फैसले पर सुन्नी वक्फ ने की रिव्यू पिटीशन न लगाने की घोषणा, तो भड़के मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने किया ये एलान


हाल में सुन्नी वक्फ बोर्ड ने इस बात का एलान किया था कि वह अयोध्या श्रीराम मंदिर मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटीशन नहीं लगाएगा. सुन्नी वक्फ बोर्ड के इस फैसले को मुस्लिम पक्ष द्वारा सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक बताने की कोशिश की गई थी. लेकिन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के फैसले के बाद ये थ्योरी खोखली साबित हुई है. सुन्नी वक्फ बोर्ड ने भले ही रिव्यू पिटीशन न लगाने की बात कही हो लेकिन मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने एलान किया है कि वह इस फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दाखिल करेगा.

पर्सनल लॉ बोर्ड ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है कि बोर्ड ने अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्णय के खिलाफ दिसंबर के पहले सप्ताह में पुनर्विचार याचिका दायर करने का निर्णय लिया है. बोर्ड के सचिव और वरिष्ठ वकील जफरयाब जिलानी ने कहा कि सुन्नी वक्फ बोर्ड के पुनर्विचार याचिका दायर करने से बोर्ड पर कोई विपरीत कानूनी प्रभाव नहीं पड़ेगा. उन्होंने यह भी कहा कि सभी मुस्लिम संगठन पुनर्विचार याचिका दायर करने को लेकर एक राय रखते हैं.

जिलानी ने कहा कि मुस्लिम समाज आज भी पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ है. जो भी पुनर्विचार याचिका का विरोध कर रहे हैं वो किसी एक शहर में जाकर मुसलमानों का जलसा बुलाएं और उनकी राय जानें। पर्सनल लॉ बोर्ड ने मुसलमानों की राय को देखते हुए पुनर्विचार याचिका डालने का निर्णय लिया है. उन्होंने बताया कि पुनर्विचार याचिका का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है. सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. हम दिसंबर के पहले सप्ताह में याचिका दाखिल करेंगे.

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