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35 लाख जुर्माना भर दिया उस एयरलाइंस कम्पनी ने जिसने जहाज़ से उतार दिए थे 3 मुसलमान


एक लंबी लड़ाई चली और एक लंबी जद्दोजहद भी, आखिरकार अंतिम फैसला जुर्माना का हुआ और उसको विमान कंपनी ने भर दिया.. विमान कंपनी का कैप्टन अपनी जिद पर अड़ा रहा था और उसके बाद उसको दुनिया भर की न सिर्फ तथाकथित सेक्युलर ताकतें बल्कि वामपंथी वर्ग भी भला बुरा बताता रहा. मामले को अदालत तक ले जाया गया और अदालत ने विमान कंपनी पर जुर्माना ठोंक कर उन सभी सेकुलर ताकतों को खुश होने का मौका दे दिया जिन्होंने इस मामले पर वतश 2016 से लगातार नजर रखी थी..

ये मामला लगभग 4 वर्ष पुराना अर्थात 26 जुलाई 2016 का है जब घटी एक घटना में पेरिस के चार्ल्स डी गॉल एयरपोर्ट पर एक मुस्लिम जोड़े को डेल्टा फ्लाइट 229 से उतार दिया गया था. दोनों यात्रियों के बारे में एक यात्री ने एक फ्लाइट अटेंडेंट को बताया कि उनके व्यवहार ने उसे ‘बहुत असहज’ कर दिया. शिकायत करने वाले यात्री ने कहा कि महिला ने सिर पर दुपट्टा पहना हुआ था और पुरुष ने अपनी घड़ी में कुछ डाला था.

कैप्टन ने उन्हें विमान से यात्रा करने से मना कर दिया. परिवहन विभाग ने कहा कि डेल्टा के फ्लाइट कैप्टन सिक्योरिटी प्रोटोकॉल को फॉलो नहीं कर पाए और ऐसा लगता है कि यात्रियों के कथित धर्म के चलते उन्हें जहाज से उतार दिया.

डेल्टा एयर लाइन्स पर अमेरिकी परिवहन विभाग ने शुक्रवार को 50,000 डॉलर (35,66,275 रुपए) का जुर्माना लगाया है. विमान कंपनी पर आरोप है कि उसने मुस्लिम यात्रियों को जहाज से उतार दिया था. विभाग ने अपने आदेश में कहा कि उसने डेल्टा को ‘भेदभावपूर्ण आचरण में शामिल’ पाया. एयर लाइन्स ने तीन यात्रियों को निकालने पर भेदभाव विरोधी कानूनों का उल्लंघन किया.

 


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