Breaking News:

NRC को लेकर राज्यसभा में बोले गृहमंत्री शाह.. दिया ऐसा बयान जिससे असम ही नहीं बल्कि देशभर में हलचल


संसद के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में NRC को लेकर बड़ा बयान दिया है. राज्यसभा में गृहमंत्री शाह ने कहा कि NRC सिर्फ असम तक ही सीमित नहीं रहेगी बल्कि इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा. अमित शाह ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि एनआरसी (भारतीय राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) में भारत के सभी लोगों को शामिल किया जाएगा, चाहे फिर वो किसी भी धर्म के हों. उन्होंने कहा कि NRC ये नागरिकता संशोधन बिल से अलग है.

इसके अलावा विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए गृहमंत्री शाह ने नागरिकता संशोधन विधेयक को अपनी सरकार के संकल्पित रुख एक बार पुनः दोहराया. गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि ‘हिंदू, सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध और पारसी शरणार्थियों को नागरिकता मिल जाएगी. इसलिए ही तो बिल संशोधित करने की जरूरत थी, ताकि जिन शरणार्थियों को पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धर्म के कारण भेदभाव का सामना करना पड़ता है, उन्हें भारतीय नागरिकता मिल सके.

गृहमंत्री ने कहा, एनआरसी में धर्म विशेष के आधार पर भेदभाव नहीं होगा. उन्होंने कहा कि एनआरसी में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है जिसके आधार पर कहा जाए कि और धर्म के लोगों को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा. सभी नागरिक भले ही उनका धर्म कुछ भी हो, एनआरसी लिस्ट में शामिल होंगे. एनआरसी अलग प्रक्रिया है और नागरिकता संशोधन विधेयक अलग प्रक्रिया है. इसे एक साथ नहीं रखा जा सकता. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एनआरसी को पूरे देश में लागू किया जाएगा ताकि भारत के सभी नागरिक एनआरसी लिस्ट में शामिल हो सकें.

गृहमंत्री ने कहा कि जिन लोगों का नाम एनआरसी में नहीं है उनके पास ट्रिब्यूनल जाने का पूरा अधिकार है. पूरे असम में ट्रिब्यूनल का गठन किया जाएगा. अगर किसी व्यक्ति के पास ट्रिब्यूनल के पास जाने के लिए पैसा नहीं है, तो असम सरकार वकील के लिए भी लागत वहन करेगी. अमित शाह ने कहा कि एनआरसी में धर्म के आधार पर भेदभाव करने की बात नहीं है. एनआरसी की प्रक्रिया जब पूरे देश में होगी तो असम में एनआरसी की प्रक्रिया फिर से की जाएगी. किसी भी धर्म के लोगों को डरने की जरूरत नहीं है. सारे लोगों को एनआरसी के अंदर समाहित करने की व्यवस्था है.


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share