वो दूसरा देश जहाँ डरने लगे हैं मुस्लिम क्योंकि जीत गया है वो नेता जिसे मानते हैं इस्लाम विरोधी


भारत में मोदी सरकार आने के बाद से कथित बुद्धिजीवियों, सेक्यूलरों तथा मजहबी उन्मादियों द्वारा एक राग अलापा जाता रहा है कि भारत में असहिष्णुता बढ़ रही है, मुस्लिमों को टार्गेट किया जा रहा है. मोदी सरकार में देश का मुसलमान डरा हुआ है. ये तो थी भारत की बात की बात, लेकिन मुस्लिमों को लेकर ये कथित डर अब भारत से बाहर दूसरे देश की पहुँच गया है. हम बात कर रहे हैं ब्रिटेन की, जहाँ प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की बंपर जीत के कहा जा रहा है कि अब वहां मुस्लिम डर रहे हैं. वो ब्रिटेन जहाँ हाल ही में लंदन के ब्रिज पर आतंकी हमला हुआ था तथा वहां की जनता ने मजहबी चरमपंथ का भयावह रूप देखा था.

ब्रिटेन के संगठन मुस्लिम काउंसिल ऑफ ब्रिटेन (एमसीबी) ने कहा है कि जॉनसन की जीत के बाद ब्रिटेन का मुस्लिम समुदाय भयभीत है. इसके साथ ही संगठन ने चुनाव के दौरान कंजरवेटिव पार्टी की ओर से लगे इस्लामोफोबिया को भूनने के लिए ओवन तैयार के नारे की जांच की मांग की है.  संगठन ने कहा है कि यह नारा चुनाव के प्रमुख नारों में शुमार रहा है. अब जबकि कंजरवेटिव पार्टी ज्यादा मजबूती के साथ सत्ता में फिर आई है तब मुस्लिमों को अपने भविष्य की चिंता हो रही है.

एमसीबी के महासचिव हारुन खान ने कहा है कि बोरिस जॉनसन को चुनाव में स्पष्ट बहुमत मिला है, लेकिन पूरे देश का मुस्लिम समुदाय इससे भयग्रस्त है. हम इस्लामोफोबिया के लिए ओवन रेडी वाले नारे को लेकर चिंतित हैं. उन्होंने कहा, ताजा चुनाव हाल के दशकों का सबसे ज्यादा विभाजनकारी चुनाव रहा. इसमें जीतने के लिए भेदभाव पैदा करने वाले नारे लगाए गए और अन्य कार्य किए गए. अब जब जॉनसन चुनाव जीत गए हैं तो उन्हें मुस्लिम समुदाय की चिंता हो रही है क्योंकि मुस्लिम डरे हुए हैं.

साथ ही उन्होंने कहा कि अब जबकि चुनाव खत्म हो गए हैं तब नए प्रधानमंत्री और उनकी सरकार को राष्ट्रीय एकता और सामाजिक एकजुटता के लिए कार्य करना चाहिए. हारुन ने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि प्रधानमंत्री अब एकजुट राष्ट्र का नारा देंगे. वह सभी समुदायों को साथ लेकर चलेंगे. बता दें दक्षिणपंथी विचारधारा के लिए विख्यात बोरिस जॉनसन की कंजरवेटिव पार्टी को चुनाव में भारी बहुमत मिला है तो वहीं विपक्षी लेबर पार्टी की करारी हार हुई है.


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