Breaking News:

क्या भारत की भी पुलिस के खिलाफ अपनाया गया “फिलिस्तीनी प्रयोग” ? वो प्रयोग जो सफल रहा है इजरायल, म्यांमार और यूरोप में


बंगाल में जो कुछ भी CAB अर्थात नागरिकता संशोधन बिल के नाम पर NRC को ले कर घटा है वो किसी को भी हैरान कर देने वाला है.. ट्रेने न सिर्फ रोकी गईं बल्कि उनको जलाया गया. बच्चो के फूटे सर और बहते खून पर उनको रहम नहीं आया और वो सब होता रहा जो और जितना वो उन्मादी चाह रहे थे. इसमें सभ्य और सम्मानित जनता का जितना आक्रोश उन उन्मादियो के खिलाफ था उतना ही आक्रोश उस जनता का बंगाल की उस पुलिस के खिलाफ था जो चुपचाप सब होता देखती रही.

लेकिन इसी मामले में दूसरा पहलू ये भी है कि शायद भारत की पुलिस के खिलाफ फिलिस्तीनी साजिश लागू करने की कोशिश की गई थी. फिलिस्तीनी साजिश वो साजिश है जिसका अनुसरण सीरिया , ईराक , अफगानिस्तान में आतंकियों ने अमेरिकी और रूसी सेना के खिलाफ किया.. इसमें मूल उद्देश्य पुलिस बल या सेना को बदनाम करना होता है.. इसको सबसे ज्यादा इजरायल की सेना व् पुलिस के खिलाफ प्रयोग किया गया है जिसके फोटो अभी भी गूगल पर आराम से सर्च किये जा सकते हैं.

भारत की पुलिस के खिलाफ फिलिस्तीनी प्रयोग की आहट की कड़ी तब जुडती दिखाई दी जब वायरल होते एक वीडियो व् फोटो में पश्चिम बंगाल में पत्थरबाजी करने व रेल जलाने के लिए उन्मादी भीड़ ने 6 से 7 साल के एक बच्चो को साथ लिया.. पुष्टि के बाद ये निश्चित हो जायेगा कि पुलिस की किसी भी जवाबी कार्यवाही के बाद इसी को आगे किया जाता और कहा जाता कि पुलिस ने एक 6 साल के बच्चे को भी नहीं छोड़ा.. म्यांमार की सेना व् पुलिस के खिलाफ रोहिंग्याओ ने सबसे ज्यादा फोटो बच्चो के वायरल किये और उनसे न सिर्फ अपने लिए सहानभूति बटोरी बल्कि बौद्धों को बदनाम भी किया.
यूरोप में भी अपने लिए घुसपैठ के रास्ते खोलने के लिए सीरियाई और ईराकियो ने समुद्र तट पर पड़े एक बच्चे की फोटो वायरल करवाई जिस से दया खा कर पूरे यूरोप ने अपने रास्ते इन घुसपैठियों के लिए खोल दिए और आज वही उन्मादी फ़्रांस , जर्मनी और ब्रिटेन में आये दिन खून बहा रहे है . ये  तरीका अब तक फिलिस्तीनी दंगाई इजरायल की पुलिस के खिलाफ अपनाते आये हैं जिसमें फिलिस्तीनी महिलाओं व बच्चों को आगे कर के इजरायली पुलिस व सेना पर पत्थर व बम फेंके जाते हैं और जवाब आने पर दुनिया को बच्चों की लाश दिखाते हैं..
विदेशो में तो कई बार तो वो खुद से ही बच्चों को अपने हाथों से कत्ल कर देते हैं , मात्र पुलिस बल या सेना को बदनाम करने के लिए. सम्भवतः कश्मीर में तैनात सैनिक व पुलिस बल ने ऐसे हालत का सामना किया हो.. भारत के कई सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर फिलिस्तीनियों का सर्मथन करने वाली पोस्ट व् फोटो आदि के साथ वीडियो देखे जा सकते हैं.. इजरायल के खिलाफ तो भारत में कई बार ज्ञापन तक दिए गये है.. ऐसे में उसी फिलिस्तीन के तमाम फैन वही फिलिस्तीनी प्रयोग यहाँ नहीं किये होंगे इसकी क्या गारंटी ?
फिलहाल सौभाग्यशाली रही बंगाल पुलिस कि वो ऐसे आरोपो से बच गई और भारत मे फिलिस्तीनी प्रयोग असफल हो गया… लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस, कश्मीर पुलिस व महाराष्ट्र पुलिस आगे के लिए सतर्क रहें क्योकि यही फिलिस्तीनी प्रयोग आने वाले समय में उनके साथ भी दोहराया जा सकता है..  सरकार आतंकवाद व् अपराध से लड़ते हमारे पुलिस बल को आतंकी व आपराधिक हमलो से से ही नहीं बल्कि ऐसे “फिलिस्तीनी प्रयोग” से भी बचाये.
रिपोर्ट –
राहुल पाण्डेय 
सुदर्शन न्यूज़ 
मोबाईल- 9598805228
देखिये तस्वीरों में –

सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share