CAA का समर्थन करने वाले बीजेपी के मुस्लिम नेता को नमाज के दौरान मस्जिद में पीटा गया.. चुप हैं धर्मनिरपेक्षता के कथित ठेकेदार


इस घटना पर वो सभी राजनैतिक दल तथा कथित लिबरल्स मौन साध गए हैं जो खुद को कथित धर्मनिरपेक्षता का ठेकेदार बताते हुए नहीं थकते हैं. मुस्लिम नेता एके नजीर की गलती सिर्फ इतनी थी कि वह बीजेपी से जुड़ा हुआ था तथा नागरिकता संशोधन अधिनियम CAA का समर्थन करते हुए लोगों को इस बारे में जागरूक कर रहा था. बस यही बात मजहबी चरमपंथियों को रास नहीं आई तथा उन्होंने बीजेपी के इस मुस्लिम नेता की उस समय पिटाई की जब वह मस्जिद गया हुआ था.

मामला दक्षिण भारत के वामपंथी सत्ता वाले राज्य केरल के इडुक्की जिले के थूकुप्पलम क्षेत्र का है. जानकारी के मुताबिक़, बीजेपी जब क्रूरतापूर्वक हमला किया गया तब वह मस्जिद में नमाज़ अदा कर रहे थे. हमले में वह बुरी तरह घायल हो गए. जिसके बाद उन्हें पास के एक अस्पताल में ले जाया गया, जहाँ अभी उनका इलाज चल रहा है. बताया जा रहा है कि एके नजीर पर चरमपंथी इस्लामी संगठन सोशल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ इंडिया (SDPI) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने हमला किया था.

मीडिया सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक़, नजीर को थुकुप्पलम की जुमा मस्जिद के अंदर गए हुए एक मिनट भी नहीं हुआ था कि उनकी पिटाई शुरू कर दी गई। नजीर इससे पहले भारतीय जनता पार्टी की ‘जन जागृति’ रैली में शामिल हुए थे, जिसका मकसद लोगों को नागरिकता संशोधन कानून CAA के बारे में जानकारी देना था और इसको लेकर देश भर के कई हिस्सों में इस तरह की रैली निकाली गई. रैली खत्म होने के बाद नजीर मस्जिद में आए थे.

बताया गया है कि हमले के दौरान चरमपंथी संगठन के कार्यकर्ताओं ने बीजेपी नेता नजीर को पीछे से लात मारी और फिर 15 मिनट तक उन पर फर्नीचर से हमला किया. इसके बाद मस्जिद के इमाम ने हस्तक्षेप किया और उन्हें बचाया. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन फिलहाल हमलावरों की पहचान नहीं की जा सकी है. बीजेपी ने मुख्यमंत्री विजयन से एके नजीर पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्यवाई की मांग की है. बता दें कि एके नजीर केरल भाजपा के सचिव हैं.


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