पिता व परिवार को त्याग कर मीडिया की सुर्खियाँ बनी विधायक की बेटी साक्षी के साथ अब जो हुआ उसका जिम्मेदार कौन ?


पिता व परिवार को त्याग कर अपने ही भाई के दोस्त अजितेश के साथ भागकर शादी कर मीडिया की सुर्खियाँ बनी बरेली से बीजेपी विधायक राजेश मिश्रा की बेटी साक्षी एक बार फिर से सुर्ख़ियों में है. जानकारी के मुताबिक़, शादी के बाद दिवाली पर पति के घर लौटी साक्षी पर हमला किया गया है. साक्षी ने पड़ोस की ही एक महिला पर पर हमले(मारपीट) का आरोप लगाया है. साक्षी ने इस मामले में थाना इज्जतनगर में रिपोर्ट भी दर्ज करा दी लेकिन बाद में समझौता भी कर लिया.

ज्ञात हो कि साक्षी और अजितेश शादी के बाद सुरक्षा को कारण बताते हुए दिल्ली में रह रहे थे. दिवाली से पहले दोनों ने लौटकर वीरसावरकर नगर में अजितेश के पैतृक घर में रहना शुरू किया है. साक्षी का आरोप है कि बरेली लौटने के बाद से पड़ोस की एक महिला उन्हें और उनके परिवार को बदनाम कर रही है. फेसबुक और व्हाट्सएप पर उसके बारे में गलत कमेंट करने के साथ कॉलोनी में भी विवादित बातें करती है. उसने पहले महिला के पति से शिकायत की तो उन्होंने उसे समझाने को कहा लेकिन महिला फिर भी नहीं मानी.

साक्षी के मुताबिक शनिवार को उसके ससुर और कुछ संभ्रांत लोगों ने महिला को समझाने के लिए घर बुलाने को कहा तो वह उसे बुलाने उसके घर पहुंची. महिला उसे देखते ही गर्म हो गई. इस पर वह लौटने लगी तो उसने पीछे से आकर उसे धक्का देकर गिरा दिया और उनसे मारपीट कर गला दबाने की कोशिश की. साक्षी ने तहरीर में कहा है कि मारपीट में उसे कई जगह खुली और गुम चोटें लगी हैं. अजितेश ने आकर उसे बचाया. सूचना दी तो इज्जतनगर पुलिस पहुंच गई. इसके बाद उसने तहरीर देकर एनसीआर दर्ज करा दी.

फिलहाल इस मामले में समझौता हो गया है लेकिन साक्षी ने पुलिस पर जबरन समझौते का आरोप लगाया है. साक्षी के इस आरोप पर इज्जतनगर इंस्पेक्टर केके वर्मा ने बताया कि साक्षी का पड़ोस के घर में जाने का फैसला ही गलत था. फुटेज में महिला सिर्फ साक्षी को धक्का देकर घर से निकालती दिख रही है. फिर भी साक्षी की तहरीर पर उसके खिलाफ एनसीआर लिख ली थी. साक्षी और उनके पति ने खुद ही कार्रवाई न करने की बात कहकर समझौता लिखकर दे दिया. इसमें पुलिस का क्या दोष है.

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