पाकिस्तान के गुण गातीं महबूबा मुफ्ती के भाई को आतंकियों से बचाता हुआ बलिदान हुआ भारत का जवान

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री तथा पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती.. जो अपनी पाकिस्तानपरस्ती तथा राष्ट्र रक्षक भारतीय सुरक्षाबलों के खिलाफ बयानबाजी के लिए जानी जाती हैं, उन महबूबा मुफ्ती के भाई को इस्लामिक आतंकियों से बचाते हुए PSO ने अपना बलिदान दिया. खबर के मुताबिक़, महबूबा मुफ्ती के चचेरे भाई मुफ्ती सज्जाद बिजबिहाड़ा में अपने घर से 50 मीटर की दूरी पर स्थित मस्जिद में नमाज के लिए गए थे. उनके साथ पीएसओ फारूक अहमद भी था.

आसमान छूती उड़नपरी हिमा दास के आगे नतमस्तक हिंदुस्तान.. 18 दिनों में जीता 5वां गोल्ड मेडल

मुफ्ती नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद के अंदर चले गए और उनका पीएसओ बाहर ड्यूटी पर था. इसी दौरान पहुंचे आतंकियों ने मुफ्ती पर हमला कर दिया. मुफ्ती को बचाने के लिए पीएसओ आगे आया तो इस्लामिक आतंकियों ने PSO को निशाना बनाकर हमला कर दिया. काफी नजदीक से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं, जिससे पीएसओ गंभीर रूप से घायल हो गया. गोली लगने के बाद खून से लथपथ होकर पीएसओ जमीन पर गिर पड़ा तथा उनकी मौत हो गई लेकिन उन्होंने महबूबा के भाई को बचा लिया. इसके बाद आतंकी पीएसओ का सर्विस राइफल लेकर भाग निकले.

बेंगलुरु से अचानक ही गायब होने लगे कुत्ते.. कोई समझ ही नहीं पाया कि वो कहाँ गये.. अब खुला राज तो कईयों के होश उड़े

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावरों की संख्या दो थी. सूचना पाकर पहुंचे सुरक्षा बलों के जवानों ने पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चलाया लेकिन आतंकी पकड़ में नहीं आये. आतंकी हमले में शहीद पीएसओ फारूक अहमद को अनंतनाग जिला पुलिस लाइन में आला पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि फारूक ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है. परिजनों को सांत्वना देते हुए अधिकारियों ने कहा कि गम के मौके पर पूरा महकमा शहीद के परिवार के साथ हैं.

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने के लिए हमें सहयोग करेंनीचे लिंक पर जाऐं

Share This Post