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JNU हिंसा से जुडी बड़ी खबर आई सामने.. आईशी घोष को लेकर हुआ वो खुलासा जिसने खोल दी वामपंथियों के झूठ की पोल


जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी JNU में हुई हिंसा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. वो खुलासा जिसने वामपंथियों के झूठ की पोल खोल कर रख दी है. खबर के मुताबिक़, JNU के पेरियार हॉस्टल में हुई हिंसा के समय जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष हमलावरों को लीड कर रही थीं. वह पेरियर हॉस्टल में हमलावरों के आगे चल रही थीं. इस समय भी कुछ हमलावरों ने चेहरे ढंके हुए थे। चेहरों पर रूमाल बांधा हुआ था. ये खुलासा जेएनयू हिंसा की जांच कर रही एसआईटी की तफ्तीश में हुआ है. इस कारण दिल्ली पुलिस ने आइषी घोष को जेएनयू हिंसा मामले में आरोपी बनाया है.

जांच में पता चला है कि जेएनयू में दो गुटों के बीच झगड़ा हुआ और दोनों ने एक-दूसरे पर हमला किया. मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़, अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि JNUSU प्रेसिडेंट आइशी घोष ने तीन व चार जनवरी को कैंपस के सर्वर रूप में तोड़फोड़ की. इस दौरान सिक्योरिटी गार्ड ने जब उनको रोका तो उनके साथ धक्का-मुक्का की गई. इसके बाद रजिस्ट्रेशन करा रहे चार छात्रों के साथ धक्का-मुक्की व मारपीट की गई. इन छात्रों ने भी दिल्ली पुलिस को शिकायत दी है.

इसके बाद पांच जनवरी को जब पेरियर हॉस्टल में तोड़फोड़ व हिंसा हुई थी, उस समय भी जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष हमलावरों के आगे चल रही थीं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आईसी घोष सभी जगह दिखाई दे रही हैं. इस कारण जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष को आरोपी बनाया गया है. सर्वर रूम में तोड़फोड़, सिक्योरिटी गार्ड के साथ धक्का-मुक्की की बात स्थानीय पूछताछ में सामने आई है, जबकि पेरियार हॉस्टल की पुलिस को वीडियो मिली है. फिलहाल मामले की जांच जारी है.


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