टूट गया बीजेपी तथा शिवसेना का हिंदुत्व का गठबंधन.. मोदी सरकार में शामिल शिवसेना के मंत्री ने दिया इस्तीफा


सत्ता क्या गुल खिला सकती है, सियासत में सत्ता के लिए न सिर्फ वादों बल्कि अपने एजेंडे को किस तरह से साइड किया जा सकता है, अगर इसका साक्षात् उदहारण देखना है तो एक बार महाराष्ट्र की सियासत पर नजर दौड़ा लीजिये. महाराष्ट्र में सत्ता के लिए जो हो रहा है इसकी कल्पना बीजेपी तथा शिवसेना के विरोधियों को तो छोडिये, खुद इनके समर्थकों तथा कार्यकर्ताओं तक ने नहीं की थी. लेकिन यही तो सियासत है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यहां कोई स्थाई दुश्मन या दोस्त नहीं होता. यहां सत्ता के लिए कब दुश्मन से दोस्ती बन जाए, नहीं कह सकते.

खबर के मुताबिक़, हिंदुत्व के जिस एजेंडे के कारण बीजेपी तथा शिवसेना साथ थे, गठबंधन में थे, वो गठबंधन टूट गया है. महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री कुर्सी के लिए शिवसेना तथा बीजेपी के बीच की खींचतान अपने चरम पर पहुँच चुकी है तथा इसकी परिणीती बीजेपी तथा शिवसेना का गठबंधन टूटने के रूप में हुई है. केंद्र की मोदी सरकार में शिवसेना कोटे से मंत्री अरविंद सावंत ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. अरविंद सावंत ने ट्वीट कर मोदी सरकार में मंत्री पद से इस्तीफा देने का एलान किया.

बीजेपी ततः शिवसेना तथा दोनों की तरफ से कहा जाता रहा है कि उनका गठबंधन सियासत का गठबंधन नहीं है बल्कि ये गठबंधन हिंदुत्व का गठबंधन है. लेकिन इस बार सियासत तथा कुर्सी का मोहा हिंदुत्व पर भारी पड़ गया है. साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ने वाले बीजेपी तथा शिवसेना को महाराष्ट्र की जनता ने सरकार बनाने के लिए बहुमत दिया था लेकिन मुख्यमंत्री पद के लिए शिवसेना ने बीजेपी से नाता तोड़ लिया. 56 सीट जीतने वाली शिवसेना 105 सीट जीतने वाली बीजेपी से मुख्यमंत्री पद के लिए अड़ गई जिसे बीजेपी ने अस्वीकार कर दिया. इसके बाद शिवसेना ने एनसीपी तथा कांग्रेस से हाथ मिला लिया.

खबर लिखे जाने के समय ये भी जानकारी सामने आई है कि शिवसेना कोटे से केन्द्रीय मंत्री अरविंद सावंत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात कर स्वयं उनको अपना इस्तीफा सौंपेंगे. इसके बाद वह प्रेस कांफ्रेंस भी करेंगे. शिवसेना द्वारा बीजेपी का साथ छोड़े जाने के बाद ये तय हो गया है कि महाराष्ट्र में एनसीपी तथा कांग्रेस के सहयोगे से शिवसेना सरकार बनायेगी. इस सरकार का स्वरुप क्या होगा, ये तो अभी पता नहीं चल पाया है लेकिन कहा जा रहा है कि शिवसेना की तरफ से आदित्य ठाकरे नहीं बल्कि उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बनेंगे.

सूत्रों से ये भी जानकारी सामने आई है कि एनसीपी नेता अजित पंवार उपमुख्यमंत्री बनेंगे तथा कांग्रेस को विधानसभा अध्यक्ष का पद दिया जा सकता है. हालाँकि ये भी कहा जा रहा है कि सत्ता में शिवसेना तथा एनसीपी की बराबर भागीदारी होगी तथा कांग्रेस बाहर से समर्थन करेगी. हालाँकि ये सिर्फ अटकलें ही हैं तथा सच जानने के लिए अभी आपको इन्तजार करना पडेगा. उम्मीद है कि शाम तक ये तस्वीर भी साफ़ हो जायेगी लेकिन ये तय हो गया है कि अब बीजेपी तथा शिवसेना साथी नहीं रहे हैं.


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