भाजपा नेताओ को क्यों कहा जाता है “हिन्दू हृदय सम्राट” .. ये साबित किया कर्नाटक के इन 3 विधायको ने

इस मांग को सुदर्शन न्यूज लगातार उठाता रहा है और बताता रहा था कि किस प्रकार से तुष्टिकरण की नीति पर चलते हुए कांग्रेस सरकार ने देवगौड़ा की JDS के साथ मिल कर हिन्दुओ का दमन किया था . इसी दमन का फायदा उठा कर PFI जैसे समूहों ने वहां अपनी जड़े जमाई और श्रृंखलाबद्ध ढंग से हिन्दू नेताओं को मारा .. इतना ही नहीं , हमले झेल रहे और हत्या के शिकार होने के बाद भी सरकारी दमनचक्र भी हिन्दुओ के खिलाफ ही जारी रहा था .. लेकिन अब बदलाव दिखाई दे रहा है .

ध्यान देने योग्य है कि कट्टरपंथ का कहर झेलने के साथ सरकारी दमन झेलने वाले हिन्दू नेताओं की आवाज बनी है कर्नाटक में BJP. भाजपा के विधायको ने अपने मुख्यमंत्री से हिन्दू नेताओ पर जबरन और साजिशन लादे गये वो मुकदमे वापस लेने की मांग की है जिसको कांग्रेस और JDS के समय में थोपा गया था . यद्दपि हिन्दू के सामूहिक नरसंहार के दोषी टीपू सुलतान की जयंती मनाने के साथ कांग्रेस ने अपने इरादे सार्वजानिक रूप से जाहिर कर दिए थे जिसके प्रतिफल भी देखने को मिले थे .

कर्नाटक में भाजपा के तीन विधायकों ने मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने 2013 से 2018 के बीच हुए सांप्रदायिक हिंसा के तीन मामलों में हिंदू कार्यकर्ताओं पर दर्ज पुलिस केसों को वापस लेने का अनुरोध किया है।थिरथाहल्ली के विधायक अरागा जनानेंद्र, विराजपेट से विधायक केजी बोपैय्या और करवर से विधायक रूपाली नाइक ने यह पत्र लिखे हैं। जनानेंद्र ने अपने पत्र में लिखा है कि नाबालिग लड़की की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में नवंबर 2014 में 300 से अधिक हिंदू कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था।

विधायक ने कहा, ‘300 से अधिक निर्दोष हिंदू युवक जो दिहाड़ी मजदूरी करते हैं उनपर पुलिस ने राजनीतिक दबाव में 10 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। आपसे अनुरोध है कि इन मामलों को वापस लेने का आदेश दिया जाए।’भाजपा विधायक बोपैय्या ने नंवबर 2015 में टीपू जयंती समारोह को लेकर कोडागु में हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर हिंदू कार्यकर्ताओं पर दर्ज हुए केस वापस लेने की गुहार लगाई है..

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