कश्मीर मुद्दा सुलझाने के बाद अब अयोध्या गूँज रहा वर्दी के बूटों की चांपों से.. केंद्र ने बड़ी संख्या में भेजे जवान


आर्टिकल 370 हटाये जाने से पहले जिस तरह से जम्मू कश्मीर में आर्मी को अलर्ट पर रखा दिया था, किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षाबलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गये थे, ऐसा ही कुछ प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या तथा पूरे उत्तर प्रदेश में हो रहा है. जम्मू कश्मीर में जब वर्दी की हलचल शुरू हुई तो चर्चाएँ हुईं कि शायद कुछ बड़ा होने वाला है. और ये बड़ा हुआ भी.. कुछ बड़ा नहीं बल्कि बहुत बड़ा हुआ तथा जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटा दी गई.

कश्मीर के बाद वर्दी के बूंटों की धमक अब अयोध्या में भी सुनाई देने लगी है. जानकारी के मुताबिक़, अयोध्या के बाबरी मस्जिद राम मंदिर जमीन विवाद पर फैसले को देखते हुए केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश में केंद्रीय शस्त्र बल के 4 हजार जवान भेजे हैं. मामले पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई पूरी कर चुका है. इसमें फैसला सुनाए जाने की कोई तारीख अदालत ने नहीं दी है लेकिन माना जा रहा है कि जल्दी ही फैसला आ सकता है. CJI रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं, इसलिए उम्मीद है कि 17 नवंबर तक सुप्रीम कोर्ट इस पर फैसला सुना देगा. इसी को देखते हुए अयोध्या और आसपास की सुरक्षा को कड़ा किया जा रहा है.

बताया गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बीते सोमवार को उत्तर प्रदेश में सुरक्षाबलों के चार हजार जवान भेजने को मंजूरी दी थी. केंद्र ने केंद्रीय शस्त्र पुलिस बल के करीब चार हजार जवानों को उत्तर प्रदेश भेजा है. मंत्रालय ने पैरामिलिट्री फोर्स की 15 कंपनियों के अलावा बीएसएफ, आरएएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी की तीन-तीन कंपनियां भेजी हैं. उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में सुरक्षा-व्यवस्था को देखते हुए धारा-144 लागू कर रखी है.


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