अब ऑनलाइन आयेगा चालान का मेसेज और कार्ड से करना होगा भुगतान..

राजधानी में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर होगी अब तीसरी आँख की नजर यानी सीसीटीवी सीधे कोर्ट से जुडी होगी. इसके बाद चालान का मेसेज नियम तोड़ने वाले के फ़ोन या ईमेल पर आएगा. इस चालान का भुगतान आप डेबिट या क्रेडिट कार्ड से कर सकते है. यह कार्यप्रणाली वर्चुअल कोर्ट है. सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत  जज मदन बी लोकुर ने इस योजना को बनाया है, इस योजना से नियम तोड़ने वाले भी सतर्क हो जायेंगे.

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इस पहली वर्चुअल कोर्ट को प्रभारी महानगर दंडाधिकारी रुचि अगरवाल असरानी को बनाया गया है. इस मौके पर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश डीएन पटेल और पुलिस कमिश्नर अमूल पटनायक भी मौजूद रहे. इनके अलावा जस्टिस राजीव शकधर, जस्टिस संजीव सचदेवा, जस्टिस नविन चावला सहित जिला अदालतों के कई जज उपस्थित थे.

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वर्चुअल कोर्ट को राजधानी कि सड़कों पर लगी सीसीटीवी कैमरों से जोड़ी जाएगी. यह सीसीटीवी फुटेज सीधे कोर्ट के पास आएगी और इसके बाद चालक के मोबाइल या ईमेल पर मेसेज जाएगा. कोर्ट कि वेबसाइट वीकोर्ट्स डॉट गवर्नमेंट डॉट इन पर जाकर भी फोटो सहित चालान देख सकते है और उस चालान में उस समय का फोटो होगा जब नियम तोडा गया होगा. चालक को घर बैठे ऑनलाइन भुगतान की सुविधा मिलेगी. इस कोर्ट में जज के  डैश  बोर्ड पर दिखाई देगा, जिसके आधार पर जज जुरमाना और सजा निर्धारित कर सकेंगे.

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