बधाई दीजिये पोलैंड की डियाना को जिन्होंने ओढ़ लिया भगवा तथा जीवनसाथी चुना है यूपी के निशांत को


पोलैंड की डियाना ने पहले उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के चरथावल थानाक्षेत्र के गांव बधाई कलां के निशांत से दोस्ती की. फिर निशांत तथा व्यवहार तथा उसके सनातनी संस्कृतिक रीति रिवाज इस कदर भाये कि उसने निशांत को जीवन साथी चुनने का फैसला कर लिया. डियाना को सनातन की खुशबू इतनी पसंद आई कि उसने भगवा ओढ़ लिया तथा पूरे विधि विधान के साथ निशांत से शादी कर ली. दोनों की शादी पोलैंड में ही हुई लेकिन अब डियाना निशांत के साथ भारत आई है.

आपको बता दें कि दी कर भारत आई पोलैंड की डियाना को भारतीय संस्कृति और रीति रिवाज खूब भाए. रविवार को बहन की शादी के साथ ही निशांत और डियाना की शादी का रिसेप्शन भी आयोजित किया गया. इसमें पोलैंड के भी कई मेहमान कार्यक्रम में शामिल हुए. जानकारी के मुताबिक़, गांव बधाई कला निवासी प्रगतिशील किसान अरविंद मलिक एवं मेनका के पुत्र निशांत पिछले सात साल से नार्वे, नीदरलैंड और जर्मनी में रहकर पढ़ाई कर रहे थे. गत वर्ष नार्वे में पीएचडी की पढ़ाई के दौरान उनकी सहपाठी पोलैंड निवासी डियाना से संपर्क बढ़ा.

निशांत ने अपने माता-पिता को विदेशी सरजमीं पर अपनी पसंद की लड़की को दिखाया. एक साल पहले पोलैंड में दोनों का रिश्ता तय हुआ था. 20 जुलाई को दोनों की शादी पोलैंड में ही संपन्न हो गई. शादी के बाद यह दंपती पहली बार भारत आया है. रविवार को निशांत की बहन नम्रता की भी शादी थी. शनिधाम मुजफ्फरनगर के समीप एक बैंक्वेट हाल में आयोजित शादी समारोह के साथ डियाना और निशांत की शादी का रिसेप्शन भी दिया गया. पोलैंड से आए दूल्हा-दुल्हन का स्वागत करने के लिए लोगों में होड़ लग गई.

डियाना ने बताया कि वह कुछ दिन पहले यहां आ गई थी. भारतीय संस्कृति और रीति रिवाज उन्हें बहुत अच्छे रहे. समारोह में शामिल पोलैंड के मेहमानों ने भी भारतीय व्यंजनों का खूब आनंद लिया. दुल्हन पक्ष के 22 मेहमानों इस समारोह में शामिल हुए. वर्तमान में निशांत पोलैंड की ही प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं और डियाना वहीं आसले यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर है. अब दोनों जीवनसाथी बन चुके हैं. सुदर्शन परिवार डियाना तथा निशांत को उनके नवदांपत्य की  सफलता के लिए प्रभु श्रीराम से कामना करता है तथा दोनों को हार्दिक बधाई देता है.


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share