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कांग्रेस ने राजस्थान में फिर से आते ही घोषित किया था अकबर को महान.. महाराणा प्रताप पुण्यतिथि विशेष


आजादी के अमर हुतात्मा वीर सावरकर के बाद अब राजस्थान की कांग्रेस सरकार धर्म रक्षक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप “महान” के खिलाफ तनकर खड़ी हो गई थी.. आपको बता दें कि राजस्थान शिक्षा बोर्ड के नए पाठयक्रम में महाराणा प्रताप के नाम के आगे से महान शब्द हटा दिया है अर्थात जिस राजस्थान की पहिचान की महाराणा प्रताप से है उसी राजस्थान की किताबों में अब महाराणा प्रताप महान नहीं कहे जायेंगे तथा क्रूर मुग़ल आक्रान्ता विधर्मी अकबर का गुणगान किया जाएगा.

ये निर्णय प्रचंड बहुमत से भाजपा को हरा कर सत्ता में आई गहलोत सरकार का था. बता दें कि राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने हिंदुस्तान के गौरव, हिंदुस्तान की पहिचान तथा प्रेरणा, वीरता, स्वाभिमान तथा शौर्य के प्रतीक धर्म रक्षक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप “महान” के गौरवशाली इतिहास की धज्जियां उड़ा के रख दी हैं. राजस्थान की पिछली बीजेपी सरकार ने स्कूली पाठयक्रम की किताबों में महाराणा प्रताप के आगे महान शब्द जोड़ा तथा उन्हें हल्दी घटी युद्ध का विजेता बताया था.

लेकिन अब कांग्रेस सरकार ने किताबों में महाराणा प्रताप के आगे से महान शब्द हटा दिया है तथा विधर्मी अकबर का गुणगान किया गया है. वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के गौरवशाली इतिहास की धज्जियां राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने किस तरह से उड़ाई हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राजस्थान शिक्षक बोर्ड की 7वीं में पढ़ाया जाएगा कि हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप को विजय मिली थी, जबकि 12वीं के बच्चे पढ़ेंगे कि प्रताप को पराजय का मुंह देखना पड़ा था. हार-जीत के यह दोनों ही तथ्य इस बार सिलेबस में नए सिरे से शामिल किए गए हैं जो इस बात को साबित करता है कि राजस्थान सरकार महाराणा प्रत्राप के इतिहास के साथ किस तरह खिलवाड़ कर रही है.


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