4 वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म करने वाले शमशुल हक़ को फांसी की सजा माँगी थी देश ने.. अब न्यायालय ने सुनाया ये फैसला


शमशुल हक़ शिक्षक था जो बच्चों को पढ़ाता था. मोहल्ले के काफी बच्चे-बच्चियां उसके पास ट्यूशन पढ़ने भी जाते थे. लोगों को लगता था कि शमशुल हक़ एक अच्छा शिक्षक है जो उनको बच्चों को पढ़ाई में होशियार बनाएगा, लेकिन शमशुल हक़ ने जो किया, उसने शिक्षक के धर्म तथा कर्तव्य पर तो सवाल खड़े किये ही, साथ ही इंसानियत को भी शर्मशार कर दिया. दरअसल ट्यूशन टीचर शमशुल हक़ ने 4 वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया.

इस घटना के बाद देश ने बलात्कारी शमशुल हक़ के लिए फांसी की मांग की थी. अब इस मामले में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है. खबर के मुताबिक़, मासूम से दुष्कर्म करनेवाले ट्यूशन टीचर शमशुल हक को सोमवार को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई. पोक्सो के विशेष न्यायाधीश अखिलेश कुमार तिवारी ने सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए शमशुल को उम्रकैद के अलावा 25 हजार रुपए आर्थिक जुर्माने की भी सजा दी. कोर्ट ने जुर्माने की राशि का भुगतान पीड़िता को करने का निर्देश दिया है.

मामला झारखण्ड के धनबाद का है. खबर के मुताबिक़, 50 वर्षीय ट्यूशन टीचर शमशुल हक़ तेतुलमारी का रहनेवाला है. उसके खिलाफ चार वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म का आरोप था. पीड़िता की मां ने 18 मई 2018 को तेतुलमारी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कहा था कि 16 मई 2018 को उनकी पुत्री एक भवन की तीसरी मंजिल पर गई थी. वहां शमशुल हक़ बच्चों को ट्यूशन पढ़ा रहा था. बच्ची को अकेला पाकर शमशुल हक ने उसके साथ दुष्कर्म किया था. 15 मिनट बाद वह रोते हुए घर लौटी थी. उसने अपनी मां को आपबीती बताई थी.

इसके बाद पीडिता के परिजनों ने पुलिस में मामला दर्ज कराया था. मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने शमशुल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. पुलिस ने 12 जुलाई 2018 को आरोप पत्र दाखिल किया था. एक अगस्त 2018 को आरोप का गठन हुआ था. अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में कुल आठ गवाहों की गवाही कराई गई थी. इसके बाद कोर्ट ने बलात्कारी शमशुल हक़ को उम्रकैद के साथ 25 हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई.


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