इस बार आजम को पस्त किया कोर्ट ने.. शर्मनाक टिप्पणी की थी कभी समाज के सेवा वर्ग के खिलाफ


उत्तर प्रदेश की रामपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के बदजुबान सांसद तथा भूमाफिया नेता आजम खान के सितारे इन दिनों गर्दिश में हैं. एकतरफ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आजम खान के सारे काले कारनामों का हिसाब ले रही है तथा आजम को उनकी जगह दिखा रही है तो वहीं दूसरी तरफ इस बार आजम खान को कोर्ट ने भी पस्त किया है. 2 साल [अहले तक यूपी ही नहीं बल्कि देश की सियासत में बड़ा दखल रखने वाले आजम खान इस समय क़ानून के शिकंजे में हैं तथा संभव है कि कुछ मामलों को लेकर भविष्य में उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता है.

बता दें कि कल रामपुर की जिला अदालत में समाजवादी पार्टी के लोकसभा सांसद आजम खान से संबंधित कई मामलों में सुनवाई की गयी. जिसके बाद सरकारी वकील रामौतार सैनी (एडीजीसी) ने बताया की आज जिला अदालत में आजम खान ने अपनी गैर हाजिऱी का प्रार्थना पत्र अपने वकील के माध्यम से अदालत के समक्ष रखवाया. जिसमें अदालत ने अब सख्त रवैया अपनाते हुए आजम खान को अगली तारीख पर हाजिऱ होने का आदेश दिया है. ये आदेश उस मामले में दिया गया है, जिसमें आजम ने समाज के सेवक वर्ग के खिलाफ़ शर्मनाक टिप्पणी ए थी.

एडीजे 6 के सरकारी वकील ने बताया कि सन् 2007 में टांडा में हुई एक जनसभा में आजम खान ने यह कहा था कि मायावती ने मैला ढोने वालों को दरोगा, एसपी, कलेक्टर बनाकर कुर्सियों पर बैठा रखा है इससे पूरे हिंदुस्तान में दलित वर्ग अपमानित हुआ है. इस संबंध में वादी द्वारा एक प्रार्थना पत्र दिया गया था जिस पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी. रिपोर्ट दर्ज होने के बाद कुछ फाइलें प्रयागराज गईं थी. प्रयागराज में आजम खान ने अपनी जमानत भी करवा ली है. अब वह फाइलें लौटकर एडीजे छह में आ गई हैं, जिसके तहत कल तारीख थी जिसमें आजम खान साहब ने अपने वकील के माध्यम से हाजिर माफी का प्रार्थना पत्र दिया था.

इस पर कोर्ट ने उनको यह आदेश दिया है कि अगली 20 तारीख को वह व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित हों. इसके अलावा 2-3 और मुकदमे जो विचाराधीन थे उसमें 21/11  को उन्हें व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने को माननीय न्यायालय ने आदेशित किया है. जज ने कहा कि आजम खान साहब ने आज अपने वकील के माध्यम से हाजिर माफी का प्रार्थना पत्र दिया था, उस प्रार्थना पत्र पर न्यायालय ने कहा है कि अगली 20 तारीख को वह व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों.


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