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मौत मांगी जा रही नाबालिग हिन्दू लड़की के लिए पाकिस्तान में बुजुर्ग मौलवियों द्वारा.. इधर भारत में सेक्युलर हिन्दू ही कर रहा CAA का विरोध


CAA कानून ऐसी अनगिनत बच्चियों की न सिर्फ जान बल्कि सम्मान और इज्जत की सुरक्षा के लिए लाया गया है. इसमें साफ़ साफ़ कहा गया है कि पाकिस्तान , बंगलादेश और अफगानिस्तान में मजहबी उन्माद से पीड़ित जो भी हिन्दू , सिख , ईसाई या पारसी आदि होंगे उनको भारत की नागरिकता देते हुए भारत में बसाया जाएगा. इस बिल के विरोध में भारत के विभिन्न कोनों से मुसलमानों ने मोर्चा खोल दिया और उन्होंने औरतों को भी आगे कर दिया इसके खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए.

लेकिन हैरानी तो तब हुई जब इसमें सिख समाज के कुछ लोग लंगर लगाते और हिन्दू समाज के कुछ वामपंथी सोच वाले भी उनके सुर में सुर मिलाते हुए कागज़ नहीं दिखाएँगे का नारा लगाते दिखे. यकीनन उनको पाकिस्तान की उस नाबालिग बच्ची पर ध्यान देना ही चाहिए जिसकी जान के दुश्मन मजहबी उन्माद बने हुए हैं. एक नाबालिग बच्ची के खिलाफ कई बुजुर्ग मौलाना और मौलवी भी उतर गये हैं और उसको इस्लाम का अपमान करने वाली बता कर मांग रहे हैं मौत .

महक कुमारी नाम की इस हिन्दू बच्ची की जान खतरे में हैं क्योकि उसने दुनिया के आगे पाकिस्तान के उन्मादियो का काला चिटठा खोल दिया. उसने साफ़ साफ़ बताया कि पाकिस्तान में जबरन धर्म परिवर्तन उन लडकियों का करवाया जा रहा है जो मुसलमान नहीं हैं. खुद महक भी उन्ही में से एक है जिसका जबरन निकाल दोगुनी उमर के एक जिहादी से करवा दिया गया है. पाकिस्तान में १५ साल की हिंदू लड़की महक कुमारी ने गुरुवार (फरवरी ६, २०२०) को एक स्थानीय न्यायालय में न्यायाधीश के सामने अपने लिए न्याय की गुहार लगाई। लडकी ने न्यायालय के सामने कहा कि, जिस अली रजा मिर्ची नामक मुस्लिम व्यक्ति से उसकी शादी हुई थी, वह उसके साथ नहीं रहना चाहती और न ही वो इस्लाम कबूल करना चाहती है।


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