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अमेरिका की वो लड़की जो भागकर शामिल हुई थी ISIS में, जानिये क्या है अब उसका हाल ? सोच में है अमेरिका कि क्या किया जाए ?


होदा मुथाना.. ये अमेरिका की वो लड़की थी जो भागकर सीरिया गई तथी इस्लामिक आतंकी दल ISIS में शामिल होकर महिला जिहादी बन गई थी. महिला जिहादी बनकर होदा मुथाना ने न सिर्फ ISIS आतंकियों का समर्थन किया बल्कि खुद भी चरमपंथी गतिबिधियों में शामिल रही तथा उन्हें संचालित किया. लेकिन अब ये लड़की दोबारा अमेरिका वापस आना चाहती है. उसका कहना है कि उसे अपने किए का पछतावा है. उसका एक छोटा बेटा भी है, जिसके साथ वह सीरिया के शरणार्थी शिविर में गुजारा कर रही है. अब वह अपने वतन वापस आना चाहती है.

कथित शान्ति तथा मानवता के नाम पर दुनिया के कई देशों के इस्लामिक आतंकी दल ISIS में शामिल हुए आतंकियों की घर वापसी पर स्वागत किया था. इन देशों ने कहा था कि जो लोग कभी ISIS में शामिल होकर आतंकी बन गये थे वो अगर आतंक का दामन छोड़कर वापस आना चाहते हैं तो उनका स्वागत किया जाएगा. लेकिन दुनिया का सबसे शक्तिशाली मुल्क अमेरिका इसके खिलाफ खड़ा हो गया है. अमेरिका ने साफ़ कर दिया है कि उसके देश की जो महिला होदा मुथाना ISIS में शामिल हो गई थी, वह उसको वापस अमेरिका में नहीं घुसने देगा.

अमेरिकी सरकार ने महिला की अपील को ठुकराते हुए कहा है कि वह हमारे देश की नागरिक नहीं है तथा उसे अमेरिका में नहीं घुसने दिया जाएगा. अमेरिका का कहना है कि होदा यमन के एक राजनयिक की बेटी है, जिसका जन्म अमेरिका में हुआ. यहां जन्म लेने के कारण विदेशी राजनयिक के बच्चे को नागरिकता नहीं मिलती है. अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो उसे पहले ही आतंकी करार दे चुके हैं. पोंपियो ने कहा कि होदा मुथाना आतंकी है तथा आतंकी को अमेरिका में नहीं घुसने दिया जा सकता.

एक साक्षात्कार में मुथाना ने कहा है कि उन्हें साल 2014 में अपना देश छोड़कर चरमपंथी विचारधारा अपनाने का पछतावा है. मुथाना ने कहा कि कोई भी व्यक्ति जो ईश्वर में विश्वास करता है, वह मानता है कि हर कोई अपने आपको सुधारने का दूसरा मौका चाहता है. उसे मिलना भी चाहिए. भले ही उसके अपराध कितने भी जघन्य क्यों न हों. मुथाना ने कहा कि उसे अपनी जान का डर सता रहा है. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि होदा को अमेरिका में जगह नहीं दी जायेगी.

बता दें कि अमेरिका में पैदा हुई होदा मुथाना नामक महिला 2014 में इस्लामिक स्टेट में शामिल हो गई थी. 2014 के आखिर में सीरिया जाने के कुछ ही समय बाद होदा ने ट्विटर पर चार महिलाओं की एक तस्वीर पोस्ट की. ये महिलाएं अपने पश्चिमी पासपोर्ट जलाती नजर आ रही थीं. इनमें से एक अमेरिकी पासपोर्ट था. सोशल मीडिया के जरिए होदा ने अमेरिकियों की जान लेने, चरमपंथी समूह का महिमामंडन करने जैसी अपीलें की थीं.


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