CNG सिलेंडर में सप्लाई होता था वो सामान, जिसे किसी ने सोचा भी न था.. कितना खूंखार निकला धर्मनिरपेक्ष केजरीवाल शासित दिल्ली का इरशाद

ये घटना उस दिल्ली प्रदेश की है जिसकी सत्ता कथित धर्मनिरपेक्षता बड़े झंडबरदार अरविंद केजरीवाल के हाथों में है. इरशाद ओतना खूंखार तथा शातिर होगा, इसका अंदाजा बिल्कुल भी नहीं था. जब इरशाद को गिरफ्तार किया गया तो उसके शातिर माइंड को देखकर पुलिस भी चौंक गई. दरअसल दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने हथियारों की बड़ी खेप के साथ मौत के सौदागर इरशाद को गिरफ्तार किया है. इरशाद अपनी आई-10 कार के सीएनजी सिलेंडर में अवैध हथियार रखकर सप्लाई करता था.

मौत के सौदागर हथियार तस्कर इरशाद की कार के सीएनजी सिलेंडर से 40 स्वचालित पिस्टल, एक कारबाईन व 20 मैगजीन बरामद की गई हैं. पूछताछ में इरशाद ने खुलासा किया है कि वह दिल्ली-एनसीआर में एक वर्ष से अवैध हथियारों की सप्लाई कर रहा था और वह 150 से ज्यादा अवैध हथियारों की सप्लाई कर चुका है. अपराध शाखा डीसीपी डॉ. जी. रामगोपाल नायक के अनुसार दिल्ली में स्ट्रीट क्राइम में हथियारों के इस्तेमाल को देखते हुए अवैध हथियार तस्करों पर नजर रखने के लिए कहा गया था. पुलिस को जांच में पता लगा कि मेरठ, मेवात, मथुरा, बिहार के मुंगेर औरा मध्यप्रदेश से अवैध हथियार दिल्ली-एनसीआर में आ रहे हैं.

इसके बाद एसीपी अरविंद कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर दिनेश कुमार की विशेष टीम बनाई गई. एएसआई राकेश तोमर को सूचना मिली थी कि गाजियाबाद निवासी इरशाद खान अवैध हथियार सप्लाई करने में लगा हुआ है और वह अवैध हथियारों की खेप लेकर गाजीपुर गोलचक्कर के पास आएगा. पुलिस टीम ने सोमवार रात करीब सवा दो बजे यहां घेराबंदी की. तभी आई-10 कार वहां आई. पुलिस टीम ने कार चालक को रूकने का इशारा किया तो आरोपी ने कार को गाजीपुर सब्जी मंडी की तरफ मोड़कर भागने की कोशिश की.

सर्तक पुलिस टीम ने पीछा कर इंद्रिरापुरम, गाजियाबाद निवासी इरशाद खान को पकड़ लिया.पुलिस को कार से कुछ नहीं मिला लेकिन पुलिस टीम ने सीएनजी सिलेंडर को चैक किया तो उसके होश उड़ गये. उसमें अवैध हथियार मिले. इरशाद खान ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले एक वर्ष से दिल्ली-एनसीआर के बदमाशों को हथियार सप्लाई कर रहा है. वह अवैध हथियार मध्यप्रदेश से लाता था. कई बार बदमाश उससे डिमांड कर मंगाते थे.

जानकारी के मुताबिक़, इरशाद सितंबर, 2016 में ये एयरपोर्ट पर मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार हुआ था. नवंबर, 2018 में ये जेल से बाहर आया. फरवरी, 2019 में ये वाहन चोरी के आरोप में दिल्ली व फरीदाबाद में गिरफ्तार हुआ. जेल में ये स्थानीय गैंगस्टर के संपर्क में आया. इसकी गैंगस्टर से दोस्ती हो गई. इनके जरिए से अवैध हथियार बनाने वालों के संपर्क में आया. इसके बाद इसने अवैध हथियार सप्लाई करना शुरू कर दिया था.

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