मेरठ में बन रहा था मौत का सामान.. किस के लिए हथियार जमा कर रहे थे अलीमुद्दीन, साबिर और उनके साथी


उत्तर प्रदेश के मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र से सनसनीखेज मामला सामने आया है. जानकारी के मुताबिक़, इंचौली थाना क्षेत्र के तोफापुर के जंगल में खंडहर मकान में मौत का सामान बनाया जा रहा था. अलीमुद्दीन, साबिर तथा उनके साथी यहां अवैध हथियारों की फैक्ट्री चला रहे  थे, जिसका भंडाफोड़ मेरठ पुलिस ने किया है. मेरठ एसएसपी साहनी के मुताबिक़, इंचौली थानाध्यक्ष वरुण शर्मा और क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार की टीम ने इस तमंचा फैक्टरी का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि मौके से 4 आरोपी गिरफ्तार किये गये हैं.

मेरठ एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि मौके से पकड़े गए आरोपियों ने अपने नाम अलीमुद्दीन पुत्र अजीज लुहार व साबिर पुत्र अजीज निवासी फलावदा, हारून पुत्र दफेदार निवासी एवन कॉलोनी हुमायूं नगर लिसाड़ीगेट और शहजाद पुत्र इस्लामुद्दीन निवासी गढ़ी रसूलपुर थाना मीरापुर मुजफ्फरनगर बताए. उन्होंने ये भी कहा कि पूछताछ में सामने आया कि अलीमुद्दीन व साबिर सगे भाई हैं जो साल 2017 में थाना दौराला से तमंचा फैक्टरी के खुलासे में जेल जा चुके हैं.

एसएसपी के अजय कुमार साहनी के अनुसार, पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये आरोपियों ने बताया कि वह काफी समय से ऑन डिमांड तमंचे बना रहे थे. मेरठ के अलावा बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर आदि जिलों में वे तमंचे सप्लाई करते थे. एक तमंचा 2500 से 3000 रुपये में बेचते थेएसएसपी ने बताया कि सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर नए सिरे से पूछताछ की जाएगी कि कितने तमंचे व पिस्टल वे बेच चुके हैं तथा कौन-कौन इनके गिरोह में शामिल हैं.

एसएसपी ने बताया कि छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 43 तमंचे देशी 315 बोर, एक डबल बैरल बंदूक देशी 12 बोर, 13 नाल छोटी, तमंचों की 50 पत्ती, तीन दर्जन ट्रिगर, 12 लकड़ी की चाप (बट बनाने में प्रयुक्त), दो कारतूस, दो ड्रिल मशीन, दो ग्राइंडर मशीन, दो दर्जन ब्लेड, एक वेल्डिंग मशीन, एक सेट डाई 315 नंबर, 12 रेती, तीन छोटी-बड़ी आरी, चार लोहे की चादर, पांच पेंचकस, तीन संडासी, दो प्लास, एक भट्टी झोकने का पंखा आदि बरामद किया है.


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share