पूरा भारत कर रहा शांति और सौहार्द्र की अपील जबकि प्रियंका वाड्रा भड़काती मिलीं झूठ के सहारे जातिवाद की आग


इस समय पूरा देश लोगों से शांति तथा सौहार्द्र की अपील कर रहा है, फेक ख़बरें न फैलाने की अपील कर रहा है.. ठीक उसी समय कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका वाड्रा ने झूठ के सहारे समाज में जातिवादी जहर घोलने की कोशिश की, जातिवाद की आग को भडकाने की कोशिश की. वो प्रियंका जिन्हें कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता राहुल गांधी से भी मजबूत तथा समझदार कांग्रेसी नेता मानते हैं वो प्रियंका वाड्रा झूठ फैलाकर, जातिगत द्वेष फैलाकर राजनीति करना चाहती हैं, कांग्रेस को मजबूत करना चाहती हैं.

दरअसल, कॉन्ग्रेस पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हंडल से 6 नवंबर को समाचारचैनल ‘भारत संचार’ की न्यूज़ क्लिप शेयर की गई थी. इसे शेयर करते हुए लिखा गया था, “यूपी में हर तरफ सिर चढ़कर बोल रहा है जंगलराज. क़ानून का उड़ रहा माखौल, फेल हुआ अजय बिस्ट का राज.” साथ ही कहा गया था कि गवाही देने पर निमर्मता से पिटाई का ये वीडियो भाजपा सरकार की नाकामी का गवाही दे रहा है. कॉन्ग्रेस महासचिव और यूपी की प्रभारी प्रियंका गाँधी वाड्रा ने इसे शेयर करते हुए ट्विटर पर दावा किया कि वीडियो में जो लोग पिटते नजर आ रहे हैं वे दलित हैं..

प्रियंका वाड्रा ने साथ ही कहा कि राज्य में हर रोज दलित-आदिवासियों पर दबंग-अपराधी खुलेआम हमले कर रहे हैं और भाजपा सरकार मूकदर्शक बनी देख रही है. दरअसल, यह वीडियो भूमि विवाद के कारण से 4 नवंबर को दो समूहों के बीच हुई भिड़ंत से जुड़ी थी. एक पक्ष द्वारा दूसरों पक्ष को पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. दोनों पक्षों के पाँच लोगों को अब गिरफ़्तार कर लिया गया है और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत 26 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.

जानकारी के अनुसार, इन गुटों का नेतृत्व अर्जुन सिंह और करणपाल सिंह ने किया था. दो घायलों जिनमें नरेश और सोनू शामिल हैं उन्हें सैफई अस्पताल में भर्ती कराया गया. दो राजपूत परिवारों के झगड़े को प्रियंका ने दलित बनाम ठाकुर बनाने की कोशिश की तथा जातिगत आग भड़काने का प्रयास किया. प्रियंका की पोल किसी और ने नहीं बल्कि मैनपुरी पुलिस ने ही खोल दी. मैनपुरी पुलिस के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट ने प्रियंका गाँधी वाड्रा द्वारा फैलाई गई फ़र्ज़ी ख़बर का खंडन करते हुए बताया गया कि उन्होंने इस मुद्दे को जातिवादी रंग दिया है जो गलत है. ये झगड़ा राजपूत(ठाकुर) परिवारों का था.

इसके अलावा, उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रियंका गाँधी के दावों का खंडन करते हुए मैनपुरी पुलिस के एक अधिकारी का वीडियो भी जारी किया…

मैनपुरी के पुलिस अधिकारी ने कहा कि दो समूह फसल काटने को लेकर आपस में भिड़ गए थे और दोनों समूह ठाकुर समुदाय के थे। दोनों समूह एक दूसरे के साथ लड़े और हिंसक हो गए। इस बीच दोनों समूह के लोग घायल भी हो गए। दोनों समूहों ने एक-दूसरे के ख़िलाफ़ क्रॉस FIR भी दर्ज कराई है। मैनपुरी पुलिस ने सोशल मीडिया के ज़रिए ऐसी फ़र्ज़ी ख़बरें फैलाने की निंदा भी की है. अफ़सोस की बात ये है कि अभी तक न तो कॉन्ग्रेस और न ही प्रियंका वाड्रा ने न ही फ़र्ज़ी ख़बर फैलाने के लिए माफ़ी माँगी है, और न ही झूठे दावों को वापस लिया है.


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