पाकिस्तान के हिंदू शरणार्थी कैम्प में जन्मी बच्ची का नाम ही रख दिया “नागरिकता”..शरणार्थी कैम्पो में दीवाली जैसा माहौल


पूरी दुनिया मे कहीं भी सताए गए हिंदुओं के लिए भारत का द्वार खोल देने वाले भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह का नाम ले कर दुनिया के कोने कोने में वो हिन्दू जश्न मना रहे हैं जिन्हें मज़हबी चरमपंथ ने अपनी उन्मादी हरकतों का शिकार बनाया था.  सबसे ज्यादा खुशी नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान के उन कैम्पो में है जिनके जीवन अनिश्चित हुआ करते थे और आये दिन उन्हें पाकिस्तान दुबारा भगाए जाने की धमकियां मिला करती थी. अब उन्हें अपनी आजादी व स्थायित्व का पूरा एहसास हुआ है और उन्होंने इसको बेहद नए अंदाज में मनाया है..

पाकिस्तानी हिंदुओं के कैम्प में जन्मी एक बच्ची को समय के अनुसार उचित मानते हुए बाकायदा नाम ही नागरिकता दे दिया गया है.  बच्ची को गोद मे उठा कर जश्न मनाते पाकिस्तान से अपना धर्म व प्राण बचा कर आये हिंदुओं ने इस  लम्हे को सदा के लिए यादगार बनाने के लिए 2 दिन पहले जन्मी बच्ची का नाम नागरिकता रख दिया है,।  उनके अनुसार ये बच्ची अब पूरे जीवन भर आज के स्वर्णिम दिन की याद दिलाया करेगी.. बच्ची के माता पिता भी खुशी से फूले नही समा रहे हैं और अपने लिए इस दिन को सच्ची आज़ादी बता रहे हैं.. दिल्ली के विभिन्न कोनो में पाकिस्तान से आये हिन्दू नारकीय जीवन जीने के लिए मजबूर थे जिन्हें अब नया आसरा मिला है.

दिल्ली के मजनू का टीला में रहने वाली आरती ने बताया कि 7 साल पहले वह पाकिस्तान से प्रताड़ित होकर अपने देश भारत आए थे. यहां दिल्ली के मजनू का टीला में उन्होंने अपना नया आशियाना बनाया था. आशियाना तो मिल गया, लेकिन पहचान नहीं मिली. लंबे अरसे से इंतजार था कि उन्हें भारतवासी होने की पहचान मिले, लेकिन यह इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा था. पर अब जब मोदी सरकार ने लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल पास कर दिया तो उम्मीद जगी है कि अब हमें नई पहचान मिलेगी. आरती ने बताया कि उन्होंने अपनी नवजात बच्ची का नाम नागरिकता रखा है, क्योंकि बच्ची के पैदा होने पर ही यह बिल पास हुआ और उन्हें एक उम्मीद की नई किरण नजर आई कि सालों से जिस पहचान के लिए लड़ रहे थे, वो अब उन्हें मिलने वाली है.


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